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अखिलेश की पहली लिस्ट में इन नेताओं के नाम लगभग फाइनल, सपा के टिकट पर लड़ेंगे 2019 का लोकसभा चुनाव

2019 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर इन नेताओं का चुनाव लड़ना तय है...

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लखनऊ

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Nitin Srivastva

Aug 09, 2018

Samajwadi Party candidate for 2019 Lok Sabha Election

अखिलेश की पहली लिस्ट में इन नेताओं के नाम लगभग फाइनल, सपा के टिकट पर लड़ेंगे 2019 का लोकसभा चुनाव

लखनऊ. 2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए सभी राजनीतिक पार्टियों ने जोर आजमाइश तेज कर दी हैं। एक तरफ बीजेपी जमीनी स्तर पर अपने संगठन की धार को पैनी करने में जुटी है तो सपा और बसपा भी चुनावी अखाड़े में खुद को मजबूत करने में कोई कोताही नहीं बरत रही। लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के अंदर सपा-बसपा के गठबंधन की तस्वीर क्या होगी, ये तो अभी तक साफ नहीं है। लेकिन गठबंधन होने या न होने दोनों ही स्थिति में यूपी की ये पांच सीटें ऐसी हैं जहां से समाजवादी पार्टी के टिकट पर इन नेताओं का चुनाव लड़ना तय है।

मुलायम सिंह यादव

समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव एक बार फिर से अपनी परंपरागत संसदीय सीट मैनपुरी से उतरने का मन बना चुके हैं। उनके बेटे और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद इस बात का ऐलान पिछले दिनों कर चुके हैं। आपको बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव मैनपुरी और आजमगढ़ दो सीटों से मैदान में उतरे थे। दोनों सीटों से जीत के बाद मुलायम ने मैनपुरी से इस्तीफा देकर आजमगढ सीट को बरकरार रखा था। मुलायम की छोड़ी मैनपुरी सीट से तेजप्रताप सिंह यादव को उनके उत्तराधिकारी के तौर पर उतारा गया और वह यहां सांसद बन गए। लेकिन अब मुलायम सिंह के मैनपुरी सीट से चुनाव में उतरने के चलते उनका यहां से लडना खटाई में पड़ गया। हालांकि तेजप्रताप सिंह का कहना है कि नेता जी के लिए सीट छोड़ने पर उनको कोई अफसोस नहीं है। वह सपा संगठन को मजबूत करने में अपनी पूरी भूमिका निभाएंगे।

अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इसबार पत्नी डिंपल यादव की जगह कन्नौज संसदीय सीट से चुनाव मैदान में उतरेगे। अखिलेश यादव ने पहली बार साल 2000 में कन्नौज सीट से चुनाव लड़ा था और 3,06,054 वोट पाकर जीत दर्ज की थी। उसके बाद साल 2004, 2009 के लोकसभा चुनाव में भी अखिलेश यादव यहां से जीते लेकिन साल 2012 में यूपी के सीएम बनने के बाद बाद हुए उपचुनाव मे उनकी पत्नी डिंपल यादव यहां से निर्विरोध चुनी गईं। 2014 के आम चुनाव मे एक बार फिर से डिंपल यादव यहां से चुनावी मैदान में उतरीं और जीत दर्ज की। लेकिन इस बार पत्नी डिंपल यादव की जगह अखिलेश यादव ने खुद कन्नौज संसदीय सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

रामगोपाल यादव

समाजवादी पार्टी के प्रमुख महासचिव प्रो.रामगोपाल यादव एक बार फिर से संभल संसदीय सीट से चुनावी मैदान में उतरने का मन बना चुके हैं। रामगोपाल यादव इस बीच लगातार संभल के कई दौरे भी कर चुके हैं और लगातार वहां के लोगो से संपर्क स्थापित करने में लगे हुए हैं। रामगोपाल यादव इससे पहले साल 2004 में संभल से सांसद निर्वाचित हो चुके हैं, इसलिए इसबार फिर से उनको उम्मीद है कि यहां से चुनाव लड़ने पर उनको कामयाबी मिलेगी।

धर्मेंद्र यादव

मुलायम सिंह यादव के भतीजे धर्मेंद्र यादव अपनी बदायू ससंदीय सीट से ही 2019 के लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी करने में लगे हुए हैं। धर्मेंद्र यादव के लिए बदायूं सीट काफी मजबूत मानी जाती है, क्योंकि बदायूं से सपा के सांसद धर्मेंद्र यादव के विकास कार्यों से जिले के ही तीन बीजेपी विधायक और एक एमएलसी काफी परेशान थे और सीएम योगी चिट्ठी लिखकर यहां तक कहा था कि 2019 लोकसभा चुनाव में उन्हें यहां से टक्कर देना नामुमकिन है।

अक्षय यादव

प्रो. रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव का भी फिरोजबाद सीट से दोबारा चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में फिरोजाबाद सीट से सासंद बन चुके अक्षय दोबारा इस सीट से ताल ठोंकने में जुटे हैं। अक्षय की तैयारियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके पिता और पार्टी महासचिव प्रो.रामगोपाल यादव का पहली दफा फिरोजाबद संसदीय क्षेत्र के शिकोहाबाद में जन्मदिन मनाया गया। जिसमें कई लाख लोगों ने हिस्सेदारी कर भोज का आंनद लिया। माना जा रहा है कि जन्मदिन में शामिल हुए लोग चुनाव के दरम्यान उनके बेटे के लिए वोट के रूप में मदद करेंगे।