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‘निषाद समुदाय के आरक्षण को लेकर BJP को जवाब देना चाहिए’, यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद का बड़ा बयान

UP Politics: निषाद समुदाय को आरक्षण देने की मांग को लेकर मंत्री संजय निषाद ने भाजपा से जवाबदेही तय करने को कहा है। वहीं मंत्री नरेंद्र कश्यप ने सलाह दी कि ऐसे मुद्दों को जनता के बीच ले जाने के बजाय कैबिनेट और एनडीए के उचित मंच पर उठाया जाना चाहिए।
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लखनऊ

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Harshul Mehra

Aug 21, 2026

sanjay nishad reservation demand narendra kashyap up politics

संजय निषाद का बड़ा बयान। फोटो-ANI

UP Politics: उत्तर प्रदेशसरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने निषाद समुदाय को आरक्षण देने की मांग को लेकर एक बार फिर अपनी बात मजबूती से रखी है। उन्होंने कहा कि आरक्षण का वादा भाजपा के एजेंडे का हिस्सा रहा है और अब इस मुद्दे पर जवाबदेही भी भाजपा की है। वहीं, भाजपा के सहयोगी निषाद पार्टी के प्रमुख की नाराजगी पर यूपी सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि ऐसे मुद्दों को सार्वजनिक मंच के बजाय कैबिनेट और एनडीए की बैठकों में उठाया जाना चाहिए।

'आरक्षण का वादा भाजपा का, सवाल भी उसी से पूछें'

निषाद समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर संजय निषाद ने कहा कि इस सवाल का जवाब भाजपा से पूछा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण का वादा भाजपा ने खुद किया था और यह उसके एजेंडे का हिस्सा रहा है। संजय निषाद ने कहा कि जब भाजपा विपक्ष में थी, तब पार्टी इस मुद्दे की वकालत करती थी। अब जब भाजपा सत्ता में है और सरकार चला रही है, तो इस मामले में उसकी जवाबदेही बनती है।

'मैं वकील हूं, आरक्षण के मुद्दे पर वकालत करता रहूंगा'

संजय निषाद ने अपनी भूमिका को लेकर कहा कि वह वकील हैं और अपने समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर वकालत करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि निषाद समाज ने उन्हें ताकत और जिम्मेदारी दी है और समुदाय के भरोसे के कारण वह लगातार इस मुद्दे को उठाते रहेंगे। उन्होंने बताया कि उन्होंने 14 किताबें लिखी हैं और 'दलील दल' का गठन भी किया है। उनका कहना है कि वह ठोस तर्कों के आधार पर अपनी बात रखते हैं और इसी तरह आगे भी समुदाय से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे।

विरोधियों पर भी साधा निशाना

आरक्षण के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए संजय निषाद ने उन लोगों पर भी निशाना साधा, जिन पर उन्होंने समुदाय के हितों के बजाय राजनीतिक या निजी फायदे के लिए काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो लोग ठोस तर्कों के साथ अपनी बात रखते हैं, वही सही मायने में अपने पक्ष की वकालत करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग विरोधी दलों से पैसे लेकर समुदाय के बीच बांटने का काम करते हैं। हालांकि, उनके इस दावे पर संबंधित पक्षों की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

नरेंद्र कश्यप बोले- संजय निषाद एनडीए के अहम नेता

संजय निषाद की आरक्षण को लेकर सार्वजनिक नाराजगी पर यूपी सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संजय निषाद एनडीए के महत्वपूर्ण सहयोगी और बड़े नेता हैं। नरेंद्र कश्यप ने कहा कि आरक्षण की मांग करना पूरी तरह उचित है, लेकिन सरकार के भीतर ऐसे मुद्दों को उठाने के लिए उचित मंच मौजूद हैं। उनके मुताबिक, कैबिनेट की बैठकें लगभग हर सप्ताह होती हैं और एनडीए की बैठकें भी आयोजित की जाती हैं।

'मुद्दों को जनता के सामने ले जाने के बजाय सही मंच पर उठाएं'

नरेंद्र कश्यप ने कहा कि संजय निषाद को आरक्षण से जुड़े मुद्दों को जनता के सामने ले जाने के बजाय कैबिनेट और अन्य उचित मंचों पर उठाना चाहिए। इससे सरकार के स्तर पर इन मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है और समाधान का रास्ता निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार में सहयोगी दलों के बीच संवाद के लिए उचित मंच उपलब्ध हैं और ऐसे मामलों को वहां उठाना ज्यादा प्रभावी होगा।

किसान नेता पर कथित हमले को लेकर भी बोले कश्यप

मेरठ के निवर्तमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडे से जुड़े किसान नेता पर कथित हमले के मामले को लेकर भी नरेंद्र कश्यप ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून सभी के लिए सर्वोच्च है और किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

'कानून से खिलवाड़ की किसी को इजाजत नहीं'

नरेंद्र कश्यप ने कहा कि उत्तर प्रदेश का प्रशासन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में काम कर रहा है और सरकार भ्रष्टाचार तथा अपराध के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अपराध कोई भी करे, कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में किसी को भी कानून के साथ खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने इस मामले में भी कानून के मुताबिक कार्रवाई की बात कही।

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