
धूप व उमस ने किया बेहाल, फिर बरसात के आसार फोटो सोर्स : Patrika
Weather Humidity Wave : लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बीते चार दिनों तक झमाझम बारिश के बावजूद लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिल सकी है। राजधानी लखनऊ में जहां गुरुवार और शुक्रवार को तेज धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया, वहीं तापमान में बढ़ोतरी और आर्द्रता के स्तर में इजाफा होने से मौसम और अधिक असहज बन गया है।
शुक्रवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि यह तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक ही था, लेकिन हवा में नमी की मात्रा इतनी अधिक रही कि शरीर पर चिपचिपाहट और पसीने ने लोगों को परेशान कर दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, जब आर्द्रता अधिक होती है तो वास्तविक तापमान की तुलना में गर्मी का अहसास कहीं ज़्यादा होता है, और यही राजधानी के निवासियों के साथ हो रहा है।
लगातार बारिश के बाद राजधानीवासियों को उम्मीद थी कि अब मौसम सुहावना हो जाएगा और गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। लेकिन हुआ ठीक उल्टा। जैसे ही बारिश रुकी, आसमान साफ हुआ और चटक धूप निकल आई। दिन चढ़ने के साथ ही सड़कों, बाज़ारों और गलियों में धूप ने दस्तक दी और उमस के साथ मिलकर लोगों को बुरी तरह से परेशान किया। शहर के गोमती नगर निवासी रेखा सिंह कहती हैं, “बारिश के बाद सोच रहे थे कि मौसम ठंडा होगा, लेकिन यहां तो पसीना छुड़ाने वाली गर्मी ने जीवन मुश्किल बना दिया है। पंखा-कूलर चलाने के बाद भी चैन नहीं मिल रहा।”
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो वर्तमान में वातावरण में नमी का स्तर 75% से अधिक बना हुआ है। यह स्थिति विशेषकर उन लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण होती है जिन्हें पहले से ही हृदय या सांस संबंधी परेशानियाँ हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अधिक आर्द्रता शरीर से पसीना सूखने नहीं देती, जिससे शरीर का तापमान नियंत्रण बिगड़ता है और लू या हीट स्ट्रोक की स्थिति बन सकती है।
डॉ. राजीव त्रिपाठी, वरिष्ठ फिजिशियन के अनुसार, “ऐसे मौसम में बाहर निकलते समय सावधानी बरतनी चाहिए। छाता, पानी की बोतल और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने चाहिए। धूप में ज्यादा देर रहने से चक्कर, सिरदर्द और डीहाइड्रेशन हो सकता है।”
धूप और उमस ने राजधानी के जनजीवन को काफी हद तक प्रभावित किया है। स्कूलों में बच्चों को गर्मी से राहत देने के लिए कई जगहों पर विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं कार्यालयों में भी कर्मचारी गर्मी और पसीने से जूझते नज़र आ रहे हैं। वाहन चालकों और फुटपाथ पर कार्य करने वालों की परेशानियां और भी बढ़ गई हैं। ऑटो चालक कमलेश यादव बताते हैं, “गाड़ी तो सड़क पर चलानी ही पड़ती है, लेकिन पसीने से कपड़े भीग जाते हैं। दिनभर धूप में रहना अब मुश्किल होता जा रहा है।”
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, लखनऊ और आसपास के जिलों में रविवार से फिर से बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। इससे तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत की उम्मीद जताई जा रही है। मौसम केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक एम. श्रीवास्तव ने बताया, “राज्य के पूर्वी और मध्य भागों में बंगाल की खाड़ी से नमीयुक्त हवाओं का प्रवेश हो रहा है। इससे रविवार से मानसून सक्रिय हो सकता है और अगले सप्ताह के मध्य तक अच्छी बारिश होने की संभावना है।”
बारिश रुकने से खेतों की मिट्टी में सूखापन आने लगा है, जिससे किसान चिंतित हो गए थे। यदि अगले दो-तीन दिनों में बारिश न होती तो धान की बुवाई और अन्य खरीफ फसलों की स्थिति प्रभावित हो सकती थी। लेकिन मौसम विभाग की भविष्यवाणी से किसानों के चेहरे पर थोड़ी राहत दिखी है। किसान रामलाल वर्मा बताते हैं, “अब पानी की जरूरत है खेतों को। अगर फिर से बारिश हो जाती है, तो फसलें समय पर तैयार हो सकेंगी। नहीं तो हमें नलकूप से सिंचाई करनी पड़ेगी, जो महंगी है।”
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को अपील की है कि वे अत्यधिक गर्मी और उमस से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाएं। खुले में लंबे समय तक न रहें, पर्याप्त पानी पिएं, हल्का भोजन करें और अनावश्यक धूप में यात्रा से बचें। विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
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Updated on:
28 Jun 2025 08:52 am
Published on:
28 Jun 2025 08:47 am
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