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अखिलेश यादव के ‘सास-बहू’ वाले बयान पर स्मृति ईरानी का पलटवार बोलीं- ‘सीरियल से हटाकर संसद पर ध्यान लगाएं’

Smriti Irani vs Akhilesh Yadav : संसद में अखिलेश यादव के 'सास-बहू वाली हार गई' वाले बयान पर स्मृति ईरानी ने पलटवार किया है। स्मृति ने कहा कि जिन्हें राजनीति विरासत में मिली, वे कामकाजी महिलाओं पर टिप्पणी कर रहे हैं।
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लखनऊ

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Avaneesh Kumar Mishra

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Updated: 16 Apr 2026, 8:13 PM IST

स्मृति ईरानी ने अखिलेश यादव को दी नसीहत, PC- ANI

लखनऊ : पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी ने समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए कहा था कि वो सास-बहू वाली तो हार गई। इसके जवाब में स्मृति ईरानी ने सपा सांसद अखिलेश यादव को नसीहत देते हुए कहा कि सीरियल से हटाकर संसद पर ध्यान लगाएं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सपा सासंद पर तंज कसते हुए कहा कि सुना है अखिलेश यादव ने संसद में मुझे याद किया। कामकाजी औरत पर वे टिप्पणी करते हैं, जिन्होंने जिंदगी में कभी कोई नौकरी नहीं की।

X पर पोस्ट कर दी नसीहत

स्मृति ईरानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'सुना है आज अखिलेश जी ने संसद में मुझे याद किया। अच्छा है, जिनको राजनीति धरोहर में मिली, वे उनको भी याद करते हैं जो अपने दम पर आसमान में सुराख करते हैं। कामकाजी औरत पर वे टिप्पणी करते हैं, जिन्होंने जिंदगी में कभी कोई नौकरी नहीं की। सीरियल से हटाकर संसद पर ध्यान लगाएं, महिलाओं के संबल हेतु अहम बिल पास कराएं।'

इससे पहले लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल को लेकर आयोजित विशेष सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। इस दौरान सपा सांसद अखिलेश यादव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि वो सास-बहू वाली तो हार गई। ये लोग महिलाओं को असल में उनका हक नहीं देना चाहते हैं।

अखिलेश बोले- भाजपा नारी को नारे के रूप में इस्तेमाल कर रही

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह 'नारी' को सिर्फ एक नारे के रूप में इस्तेमाल कर रही है। जो पार्टी अपने संगठन में महिलाओं को पर्याप्त जगह नहीं देती, वह उनके सम्मान और अधिकारों की बात कैसे कर सकती है। कई वर्षों से सत्ता में रहने के बावजूद देश में जेंडर इक्वलिटी की स्थिति संतोषजनक नहीं है।

अखिलेश यादव ने भाजपा से यह भी पूछा कि जिन 21 राज्यों में उनकी सरकार है, वहां कितनी महिला मुख्यमंत्री हैं? उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली भाजपा अपने ही ढांचे में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने में विफल रही है। पूरे देश में भाजपा के विधायकों में महिलाओं की संख्या 10 प्रतिशत से भी कम है और लोकसभा में भी उनका प्रतिनिधित्व सवालों के घेरे में है।