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10 मार्च से लग रहा होलाष्टक, 8 दिनों तक नहीं करना चाहिए पूजा, यज्ञ, गृह प्रवेश सहित ये काम, गर्भवती महिलाएं रखें विशेष ध्यान

होलाष्टक के आठ दिनों में नारायण या अपने ईष्ट देव की भक्ति करना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इन आठ दिनों को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस बार 10 मार्च से होलाष्टक लग रहा है। ऐसे में इन आठ दिनों में कुई भी शुभ या मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है।

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Starting Before Holi Don't do These Things During Holashtak 2022

Starting Before Holi Don't do These Things During Holashtak 2022

Holashtak 2022: फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर रंगों का त्योहार होली मनाया जाता है। मगर होली से भी आठ दिन पहले होलाष्टक लग जाता है। माना जाता है कि होलाष्टक से होली तक कोई भी मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए. होली से पहले के इन आठ दिनों को शुभ नहीं माना जाता है। इसके पीछे यह कहा जाता है कि होलाष्टक के दौरान ही यानी कि इन आठ दिनों में हिरण्कश्यप ने अपने पुत्र प्रहलाद को मारने की कोशिश की थी लेकिन प्रहलाद लगातार नारायण का नाम जपते रहे। इस कारण हिरण्कश्यप प्रहलाद का कुछ न बिगाड़ सके। इसके बाद पूर्णिमा के दिन हिरण्यकश्यप की बहन होलिका प्रहलाद को गोद में लेकर आग में बैठ गई। होलिका को आग में न जलने का वरदान प्राप्त था लेकिन वरदान का दुरुपयोग करने के कारण वह खुद जलकर राख हो गईं। प्रहलाद सुरक्षित बच गए। इस तरह इन आठ दिनों में प्रहलाद की जीत हुई।

होलाष्टक के आठ दिनों में नारायण या अपने ईष्ट देव की भक्ति करना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इन आठ दिनों को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस बार 10 मार्च से होलाष्टक लग रहा है। ऐसे में इन आठ दिनों में कुई भी शुभ या मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है।

होलाष्टक में न करें ये काम

- होलाष्टक में गर्भवती महिलाओं को यात्रा नहीं करनी चाहिए। इससे होने वाले बच्चे को नुकसान की आशंका रहती है।

- होलाष्टक में कोई नया वाहन न खरीदें। अगर कोई वाहन खरीदना चाहती हैं तो होलाष्टक लगने से पहले उसकी बुकिंग करा लें, लेकिन होलाष्टक में ये न करें। इसके बाद वाहन को होली पर घर ले आएं।

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- विवाह, मुंडन, नामकरण सहित कोई भी मांगलिक कार्य इन आठ दिनों में नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इसके परिणाम शुभ नहीं होते।

- कोई नया काम या व्यवसाय भी नहीं शुरू करना चाहिए।

- अगर आप कोई मकान, प्लॉट आदि खरीददारी या इनकी रजिस्ट्री के बारे में कोई विचार कर रहे हैं, तो होलाष्टक के दिनों में न करें। या तो होलाष्टक से पहले या फिर होलाष्टक के बाद करें।

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- इसी तरह मकान बनवाने का काम आप होलाष्टक से पहले करते आ रहे हैं, तो इसे जारी रहने दें। लेकिन होलाष्टक में मकान बनवाना न शुरू करें।

- होलाष्टक में किसी तरह की यज्ञ, पूजा आदि न कराएं। माना जाता है कि इस समय ऐसा कोई भी काम शुभ फल नहीं देता।