
11 हजार किलो नकली चाय पत्ती जब्त, 18 जिलों में हो रही थी सप्लाई
STF Raid: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नकली चाय पत्ती बनाने का एक बड़ा रैकेट उजागर हुआ है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और खाद्य सुरक्षा विभाग (FSDA) की संयुक्त कार्रवाई में मड़ियांव थाना क्षेत्र के फैजुल्लागंज इलाके में स्थित एक फैक्ट्री पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में 11 हजार किलो नकली चायपत्ती और अन्य हानिकारक सामग्री जब्त की गई। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 13 लाख रुपए आंकी गई है।
फैक्ट्री में नकली चायपत्ती बनाने के लिए खतरनाक केमिकल, सिंथेटिक रंग और सेंडस्टोन (बलुआ पत्थर) का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन सामग्रियों के जरिए चायपत्ती को असली जैसा दिखाने का प्रयास किया जाता था। इसके बाद इसे विभिन्न ब्रांडेड पैकेजिंग में पैक कर बाजार में बेचा जा रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, नकली चायपत्ती की सप्लाई लखनऊ सहित 18 जिलों में की जा रही थी। फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर पैकेजिंग सामग्री और ब्रांडेड नाम के रैपर भी बरामद हुए हैं।
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि नकली चायपत्ती में इस्तेमाल किए गए केमिकल और पत्थर पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
छापेमारी के दौरान जब्त किए गए सिंथेटिक रंग, सेंडस्टोन और नकली चायपत्ती के नमूनों को लैब जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
STF के एक अधिकारी ने कहा, “हमने फैक्ट्री पर छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकली चायपत्ती और अन्य सामग्री जब्त की है। फैक्ट्री के संचालक की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।”
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम जनता से अपील की है कि चाय पत्ती खरीदते समय ब्रांड की जांच करें। किसी भी संदिग्ध उत्पाद के बारे में तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें। केवल प्रमाणित ब्रांड की चायपत्ती का ही उपयोग करें।
यह घटना नकली खाद्य सामग्री के बढ़ते खतरे को उजागर करती है। खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सख्त नियम लागू करने की आवश्यकता है।
Updated on:
14 Jan 2025 08:13 pm
Published on:
14 Jan 2025 08:05 pm

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