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तब्लीगी जमात के मरकज में शामिल होकर यूपी में आए 157 में 79 विदेशी, लखनऊ के 20 में से 17 लापता

एलआईयू, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस उनकी लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हैं...

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लखनऊ

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Nitin Srivastva

Apr 01, 2020

तब्लीगी जमात के मरकज में शामिल होकर यूपी में आए 157 में 79 विदेशी, लखनऊ के 20 में से 17 लापता

तब्लीगी जमात के मरकज में शामिल होकर यूपी में आए 157 में 79 विदेशी, लखनऊ के 20 में से 17 लापता

लखनऊ. दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात के मरकज में यूपी के 157 लोगों अब चिन्हित कर लिया गया है। ये सभी अलग-अलग 18 जिलों से हैं, जिन्हें पुलिस और प्रशासन ने ढूंढ लिया है। डीजीपी मुख्यालय ने शासन को सभी 157 लोगों का पूरा ब्यौरा सौंप दिया है। मरकज के लोगों की शिनाख्त में 79 विदेशी नागरिकों की भी पहचान हुई है। लखनऊ, बहराइच, बिजनौर, मेरठ, प्रयागराज और भदोही में तब्लीगी समाज से जुड़े विदेशी नागरिक मिले हैं। इनको स्थानीय केंद्रों और मस्जिदों में क्वारंटाइन किया गया है। इनमें ज्यादातर बांग्लादेश, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान के रहने वाले हैं।

दरअसल कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच दिल्ली से बिना किसी जांच के यूपी में आने वाले 157 लोगों की तलाश तेज कर दी गई थी। इस मामले पर खुद सीएम योगी आदित्यनाथ सीधी नजर बनाए हुए हैं। सीएम के निर्देश के बाद डीजीपी एचसी अवस्थी ने पुलिस अधीक्षकों को मुस्तैद कर दिया था। वहीं मरकज में लखऊ के 20 लोग शामिल हुए थे। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अभी तक इनमें से सीर्फ तीन लोगों से ही संपर्क कर पाई हैं। तीनों का कहना है कि वे फिलहाल दिल्ली में हैं और उनकी जांच हो रही है।

वहीं बाकी 17 लोगों के मोबाइल नंबर बंद हैं और उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। ऐसे में एलआईयू, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस उनकी लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हैं। सूत्रों के मुताबिक, मरकज में गए लोगों ने कुछ काकोरी, ठाकुरगंज, हुसैनाबाद और हजरतगंज इलाके के रहने वाले हैं। जिन तीन लोगों से बात हुई उन्होंने भी लापता लोगों के बारे में कुछ नहीं बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।

वहीं पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अब सर्विलांस की मदद से सभी की लोकेशन पता की जा रही है। जिन तीन लोगों से संपर्क हुआ है उनकी भी मोबाइल लोकेशन ली जा रही है ताकि पता किया जा सके कि वे झूठ तो नहीं बोल रहे। लापता 17 लोगों की जानकारी के लिए भी लोकेशन निकाली जा रही है कि वे अंतिम बार कहां थे और कहां-कहां गए।

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