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Up Flood Relief 2025: बाढ़ पर ‘टीम योगी’ का एक्शन मोड: राहत, बचाव और निगरानी के लिए मैदान में उतरे मंत्री, हर जिले में तेज राहत कार्य

Team Yogi on War Footing:  उत्तर प्रदेश में आई भीषण बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत व बचाव कार्यों के लिए 'टीम योगी' को एक्शन मोड में डाल दिया है। मंत्रियों को ज़िलों में तैनात किया गया है, राहत सामग्री, नावें, मेडिकल टीमें और निगरानी चौकियां युद्धस्तर पर सक्रिय हैं।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Aug 03, 2025

बाढ़ से जंग: ‘टीम योगी’ मैदान में, राहत कार्यों में झोंकी पूरी ताकत फोटो सोर्स : Social Media

बाढ़ से जंग: ‘टीम योगी’ मैदान में, राहत कार्यों में झोंकी पूरी ताकत फोटो सोर्स : Social Media

CM Flood Review: उत्तर प्रदेश में इस समय बाढ़ की विभीषिका ने विकराल रूप धारण कर लिया है। लगातार हो रही बारिश और नदियों के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि ने राज्य के अनेक जिलों में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस गंभीर परिस्थिति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार ने त्वरित और निर्णायक कदम उठाए हैं। सरकार के समर्पित मंत्रियों की एक टीम ‘टीम योगी’ के रूप में बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों को स्वयं मॉनिटर कर रही है।

सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में प्रदेश के 14 जिले गंभीर रूप से बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि कुल 18 जिलों में बाढ़ का प्रभाव देखा गया है। बलिया, आगरा, प्रयागराज, कानपुर, जालौन, मिर्जापुर, वाराणसी, औरैया, इटावा, फतेहपुर, बांदा सहित अन्य जिले इस संकट की चपेट में हैं। कुल मिलाकर लगभग 4015.99 हेक्टेयर क्षेत्रफल पूरी तरह जलमग्न हो चुका है।

सरकार ने त्वरित राहत और बचाव कार्यों के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रदेश भर में 905 बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं, जहां 11,248 लोगों को सुरक्षित रूप से पहुंचाया गया है। राहत कार्यों के लिए 493 नावें और 4,596 प्रीपोजिशन्ड नावें तैनात की गई हैं, जो चौबीसों घंटे प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में लगी हैं।

भोजन और पानी जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 76,632 लंच पैकेट और 6,536 राशन पैकेट वितरित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, चिकित्सा सहायता के लिए 757 मेडिकल टीमें और 1,193 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। संक्रमण की आशंका को देखते हुए 1.29 लाख क्लोरीन टैबलेट और 37,089 ORS पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘टीम-11’ को सक्रिय मोड में लाकर आदेश जारी किए हैं कि सभी वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रात्रि विश्राम करें और जरूरतमंदों को हर संभव मदद दी जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही न बरती जाए और जन-धन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

जिलेवार राहत और निगरानी की स्थिति

  • प्रयागराज में 19 नावें और मोटर बोट तैनात हैं, 88 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। यहां एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की 1-1 टीम तथा पीएसी की 2 टीमें तैनात हैं। 1,375 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ स्वयं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
  • जालौन में 62 नावें, 31 मोटर बोट और 27 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। स्वतंत्र देव सिंह और संजय गंगवार यहां राहत कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं।
  • औरैया में 26 नावें और मोटर बोट तथा 9 बाढ़ चौकियां तैनात की गई हैं। स्वतंत्र देव सिंह और प्रतिभा शुक्ला राहत गतिविधियों की निगरानी कर रहे हैं।
  • हमीरपुर में 8 नावें और 17 बाढ़ चौकियां तैनात हैं। 1,330 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। राहत कार्यों की निगरानी रामकेश निषाद कर रहे हैं।
  • आगरा में 2 नावें और मोटर बोट तैनात हैं, जबकि 47 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। राहत कार्यों की निगरानी जयवीर सिंह कर रहे हैं।
  • मिर्जापुर में 7 नावें, वाराणसी में 23, कानपुर देहात में 30, बलिया में 10 और बांदा में 43 नावें तैनात की गई हैं। बलिया में 5 और बांदा में 47 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। इन सभी क्षेत्रों में नंद गोपाल गुप्ता, सुरेश खन्ना और संजय निषाद जैसे वरिष्ठ मंत्री सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

मंत्रियों की नियुक्ति और जिम्मेदारी का विभाजन

  • प्रयागराज: नंद गोपाल गुप्ता
  • जालौन: स्वतंत्र देव सिंह, संजय गंगवार
  • औरैया: स्वतंत्र देव सिंह, प्रतिभा शुक्ला
  • हमीरपुर: रामकेश निषाद
  • आगरा: जयवीर सिंह
  • मिर्जापुर, बांदा: नंद गोपाल गुप्ता
  • वाराणसी: सुरेश खन्ना
  • कानपुर देहात: संजय निषाद
  • इटावा: धर्मवीर प्रजापति
  • फतेहपुर: अजीत पाल
  • बलिया: दया शंकर ‘दयालु’

तकनीकी संसाधनों का उपयोग और निगरानी

सरकार राहत कार्यों की निगरानी में तकनीकी साधनों का भी भरपूर उपयोग कर रही है। ड्रोन सर्वे, मोबाइल कंट्रोल रूम, हेल्पलाइन नंबरों की सहायता से निगरानी को अत्यंत सशक्त किया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जिलाधिकारियों के साथ सतत समन्वय बनाकर संकट की गंभीरता पर नियंत्रण की कोशिशें जारी हैं।

योगी सरकार की प्राथमिकताएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह स्पष्ट संदेश है कि बाढ़ की स्थिति में कोई भी नागरिक भूखा, असहाय या असुरक्षित न महसूस करे। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि भोजन, पेयजल, दवाइयां, पशु चारा और अन्य सभी आवश्यक वस्तुएं प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाई जाएं। सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को राहत कार्यों में पूरी निष्ठा के साथ लगे रहने का आदेश दिया गया है।