लखनऊ में पकड़े गए अलकायदा के दो आतंकी, 15 अगस्त से पहले लखनऊ सहित अन्य शहरों को दहलाने की थी साजिश

लखनऊ में गिरफ्तार आतंकियों के पास से प्रेशर कुकर बम के साथ विस्फोटक बरामद, एक सांसद और कुछ भाजपा नेता थे निशाने पर, पाक में है आका उमर हलमंडी

By: Hariom Dwivedi

Updated: 11 Jul 2021, 07:20 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. लखनऊ के दुबग्गा चौराहे के पास रविवार को यूपी एटीएस ने एक मकान से अलकायदा से जुड़े दो आतंकियों को पकड़ा। इनमें मलिहाबाद निवासी शाहिद और उसका साथी वसीम है। दोनों के पास से दो प्रेशर कुकर बम, अर्धनिर्मित बम के साथ ही सात से आठ किलो विस्फोटक, कई पिस्टल तथा अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद हुआ है। दोनों ट्रेंड आतंकी हैं। इनकी योजना तीन दिन में लखनऊ में एक सांसद के साथ अन्य भाजपा नेताओं को बम विस्फोट में उड़ाने की थी। एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आतंकवादी अलकायदा समर्थित अंसार गजवातुल हिंद संगठन से जुड़े हैं। ये 15 अगस्त से पहले लखनऊ सहित अन्य शहरों को दहलाने की योजना बना रहे थे। इनका आका उमर हलमंडी पाकिस्तान से इन्हें आपरेट कर रहा था।

एटीएस के आइजी डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि एटीएस के ऑपरेशन में बम और असलहे भी मिले हैं। आतंकियों से पूछताछ हो रही है। पूछताछ में पता चला यह पहले स्लीपर सेल में थे, बीते कई दिनों से कश्मीर में एक्टिव होने के बाद लखनऊ पहुंचे थे। इनकी योजना लखनऊ में सीरियल ब्लास्ट की थी। सीरियल ब्लास्ट का प्लान पाकिस्तान के हैंडलर ने बनाया था। इसे अंजाम देने के तरीके पर अफगानिस्तान में शोध हुआ। पूछताछ में पता चला अल कायदा के सरगना अल जवाहिरी ने भारत, पाकिस्तान, म्यांमार और अफगानिस्तान के लिए अल कायदा इन इंडियन सबकांटिनेंट की स्थापना की थी। इस संगठन के कई आतंकी हाल के वर्षों में गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

5 घंटे तक चला सर्च आपरेशन
एटीएस ने रविवार सुबह गोपनीय तरीके से सीते विहार कालोनी में आतंकियों के ठिकाने की घेराबंदी की। आसपास के मकानों को खाली कराया और तीन घरों में छापेमारी कर दोनों को दबोच लिया। काकोरी थाना क्षेत्र के दुबग्गा इलाके में एटीएस ने पांच घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया। गैराज में अलकायदा के आतंकी छिप गए थे। शाहिद यहां 15 वर्ष से रह रह रहा है और मोटर गैराज का काम करता है। वहीं वसीम का बैट्री का काम है। इन आतंकियों के बहराइच कनेक्शन की बात भी सामने आई है। यूपी के एडीजी के अनुसार, अलकायदा समर्थित आतंकी संगठन पेशावर व क्वेटा से संचालित किया जा रहा था। उमर लखनऊ में जेहादी प्रवृत्ति के लोगों को तैयार कर रहा था। उन्होंने बताया कि मिनहाज अहमद और मशीरुद्दीन उर्फ मुशीर इस संगठन के सदस्य हैं। ये लोग 15 अगस्त से पहले शहरों में अलग-अलग जगह धमाके की योजना बना रहे थे।

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एक आतंकी उन्नाव का
पहले आतंकी का नाम शाहिद उर्फ गुड्डू है, जो उन्नाव का है। उसी के घर में दूसरा आतंकी भी छिपा था। मकान मलिहाबाद के शाहिद का है।

पहले भी हुई है गिरफ्तारी
लखनऊ में इससे पहले भी मार्च 2017 में सुरक्षा बलों ने आतंकी सैफुल्ला को मार गिराया था, जो आइएसआइएस के खुरासान मॉड्यूल का सदस्य था। वह कानपुर का रहने वाला था। सितंबर 2018 में चकेरी के जाजमऊ अहिरवां स्थित शिवनगर कॉलोनी में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी कमरुज्जमां उर्फ कमरुद्दीन उर्फ डॉ. हुरैरा को गिरफ्तार किया गया था।

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