
लखनऊ.शिवरात्रि यानी कि भगवान शिव का दिन। कहा जाता है कि इस दिन सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करें, तो सारी मनोकामना पूरी होती है और सुथ समृद्धि आती है। वैसे कुछ जगहों पर शिवरात्रि 13 फरवरी को मनायी जा रही है, तो कुछ जगहों पर 14 फरवरी को। शिवरात्रि के दिन पूजा तो कई लोग करते हैं, लेकिन पूजा के दैरान कुछ बातों का ध्यान देना चाहिए। यहां हम आपको बताएंगे भोलेनाथ के पूजन से जुड़े कुछ आसान उपाय।
विधि-विधान
शिवरात्रि पर कुछ लोग मंदिर में तो कुछ घर पर ही विधि-विधान से पूजा करना पसंद करते हैं। इस दिन मंदिरों में काफी भीड़ होती है तो ऐसे में मंदिर में विधि-विधान से पूजा करना संभव नहीं हो पाता।
ऐसे करें वैदिक शिव पूजन
पूजन की तैयारी में सबसे पहले पूजा के लिए आसन पर बैठकर जल से आचमन करें। इसके बाद यज्ञोपवित (जनेऊ) धारण कर शरीर को शुद्ध करें। अब आसन की शुद्धि करें। धूप और दीपक जला कर पूजा की तैयारियां शुरू करें। इसके बाद स्वस्ति पूजा करें जिसमें ये मंत्र पढ़ें- '‘स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवा:, स्वस्ति ना पूषा विश्ववेदा:, स्वस्ति न स्तारक्ष्यो अरिष्टनेमि स्वस्ति नो बृहस्पति र्दधातु।'
शिव परिवार की पूजा
महाशिवरात्रि पर पूजा का संकल्प लेने से पहले ये जरूरी होता है कि पूरे शिव परिवार की पूजा की जाए। यानी कि पहले भगवान गणेश और माता पार्वती का पूजन करें। इसके बाद नन्दीश्वर, वीरभद्र, कार्तिकेय और सर्प का संक्षिप्त पूजन करें। इसके बाद बिल्वपत्र और चावल चढ़ा कर भगवान शिव की पूजा करें। इसके बाद पंचामृत से स्नान और फल अर्पित कर पूजा पूरी करें।
पूजा पूरी होने के बाद क्षमा याचना
पूजा पूरी होने के बाद प्रभु के सामने क्षमा याचना जरूर करें। उसके लिए इस मंत्र का जाप कर फूल अर्पित करें- क्षमा मंत्र ‘आह्वानं ना जानामि, ना जानामि तवार्चनम, पूजाश्वैव न जानामि क्षम्यतां परमेश्वर।’
Published on:
13 Feb 2018, 1:21 PM IST
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