
लखनऊ. देशभर की आधी से ज्यादा आबादी किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त है। कोई थायरॉइड से तो कोई अस्थमा से परेशान है। बच्चे हों या बड़ें इन्हें कोई न कोई हेल्थ से जुड़ी परेशानी से जुझना पड़ रहा है। यूपी में कम से कम 3 करोड़ लोगों की संख्या अस्थमा से जूझ रही है। वहीं बच्चों में सांस फूलने जैसी समस्या देखने को मिलती है। इसका एक मुख्य कारण है फास्ट फूड है जिसमें बासी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है।
बासी चीजों का होता है खाने में इस्तेमाल
केजीएमयू के डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि आजकल के ज्यादातर लोगों की पसंद फास्ट फूड होटी है। इसमें बासी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। खाने पीने की वस्तुओं को भी ज्यादा समय के लिए सुरक्षित रखने के लिए उनमें केमिकल का प्रयोग किया जाता है। ऐसी चीजों से शरीर में फ्री रेडिकल्स बनते हैं, जो कि हमारे लिए नुकसान देह होते हैं। ये कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। इन कारणों से शरीर में सूजन आ जाती है और चकते पड़ जाते हैं।
गलत खानपान से होता है अस्थमा
भारत की करीब 30 करोड़ की आबादी एलर्जी से ग्रसित है। इसमें यूपी का आंकड़ा 3 करोड़ तक का है। लगभग हर किसी को कोई न कोई एलर्जी रहती है। समाधान इस एलर्जी का कारण और उसे रोकने में है। ये एलर्जी खाने पीने की वजह से होती है। कई बार हम ध्यान नहीं देते लेकिन जो हम खा रहे होते हैं उसमें कुछ ऐसा पड़ा होता है, जो हमे नुकसान पहुंचाता है। ज्यादातर लोगों को अस्थमा जन्म से नहीं होता बल्कि गलत खान पान की वजह से होता है। इसलिए अपने खान पान पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
नहीं करना चाहिए इन्हें नजरअंदाज
एलर्जी को छोटी बात समझ कर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। किसी दूसरे वातावरण या नयी जगह पर जाने से वहां का एनवायरनमेंट, फूड, पानी कई लोगों को सूट नहीं करता। अगर किसी दूसरे वातावरण में जाने से खुजली, ज्यादा छींकना, चकते जैसी कोई भी परेशानी हो रही है, तो उसको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि ये आगे चलकर बड़ी बीमारी का रूप ले सकती हैै।
वैसे तो इस परेशानी में डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है लेकिन हम यहां आपको बता रहे हैं इसका घरेलू इलाज। अस्थमा के रोगी को रोजाना नियमित रूप से शहद और दालचीनी का प्रयोग करना चाहिए। इससे उन्हें काफी राहत मिलेगी।
Updated on:
16 Mar 2018 03:09 pm
Published on:
16 Mar 2018 03:00 pm
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