31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

क्या आप जानते हैं दाँतों और दिल के बीच सीधा कनेक्शन है, अगर आपके दांत स्वस्थ हैं तो आपको कोरोना होने का खतरा कम है

दांत और दिल की बीमारी(tooth and heart disease): ज्यादातर लोग यही सोचते हैं की स्वच्छता का मतलब सिर्फ दाँतों में कीड़े लगने, टूटने व दाँतों में दर्द जैसी समस्याओं से ही जुड़ा होता है| पर कईं शोधों में एक बात यह साबित हो चुकी है की अगर दाँतों की सफाई ना रखी जाये तो यह हार्ट अटैक का भी कारण बन सकता है|
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Mahima Soni

•

Updated: 29 Sep 2021, 5:15 PM IST

क्या आप जानते हैं दाँतों और दिल के बीच सीधा कनेक्शन है, अगर आपके दांत स्वस्थ हैं तो आपको कोरोना होने का खतरा कम है

क्या आप जानते हैं दाँतों और दिल के बीच सीधा कनेक्शन है, अगर आपके दांत स्वस्थ हैं तो आपको कोरोना होने का खतरा कम है

लखनऊ. दांत और दिल की बीमारी(tooth and heart disease): एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय वयस्कों(adults) में 33 फीसदी की मृत्यु हर साल हार्ट अटैक से होती है| 85 से 90 फीसदी व्यसक दातों से जुड़ी परेशानियों से, 50 फीसदी में 50 साल से कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक की समस्याओं को देखा जाता है| 6 फीसदी दाँतों से जुड़े मामलों में महामारी के दौरान उपचार नहीं पा पाए| तो वहीँ 1 लाख में से 272 भारतीयों में दिल से जुड़ी बीमारियों को देखा गया है, जो दुनिया में 235 के मुकाबले कहीं ज्यादा है| एक रिपोर्ट में सामने आया है की गंदे दातों से धमनी में सूजन आती है, ख़राब दांत वालों को ज्यादा कोरोना हुआ और जो लोग लगभग तीन बार ब्रश करते हैं उनको कम परेशानियों का सामना करना पड़ता है| आइये जानते हैं रिपोर्ट के अनुसार कैसे-

1) गंदे दांतों से धमनी में आती है सूजन(Dirty teeth cause inflammation in the artery)
अमेरिका के हार्वर्ड डेंटल मेडिसिन विश्वविद्यालय और मैसिचुएट्स इंस्टीट्यूट के कलेक्टिव अध्यन से इस बात का पता चला| एक रिसर्चर के मुताबिक जो दिल की बिमारियों के जोखिम में आते हैं वह लोग दाँतों के प्रति सचेत रहें क्युकी धमनी में सूजन आ सकती है|

2) ख़राब दांत वालों को ज्यादा कोरोना हुआ(Those with bad teeth got affected more with corona)
अमेरिका की एक स्वास्थ्य एजेंसी ने कोविड-19 और दाँतों के रोगों के बीच कनेक्शन होने की बात कही है| कोविड-19 होने के लिए मुँह एक प्रवेश बिंदु के रूप में कार्य कर सकता है क्यूकी जीभ, मसूड़ों और दाँतों की कोशिकाओं(cells) में एंजियोटेन्सिन परिवर्तित एंजाइम-2 (एसीई2) नाम का एंजाइम होता है|

3) तीन बार ब्रश करने वालों में जोखिम कम(Covid-19 risk reduced in those who brushed three times)
यूरोपियन जर्नल ऑफ़ प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक अध्यन से पता चला की तीन बार दांत साफ़ रखने की आदत से हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता है| जिनके दांत ज्यादा गिरते हैं उन्हें दिल से सम्बंधित बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है| और जो नियमित तौर पर अपने दाँतों का चेक-अप कृते रहते हैं और डेंटिस्ट के संपर्क में रहते हैं उनका दिल दुरुश्त रहता है|

यह भी पढ़ें- क्या आप जानते हैं कान, नाक और गले(ई.एन.टी) की बीमारी का इलाज, जानिए कैसी होनी चाहिए आपकी जीवनशैली