
Ukraine medical fees is less than from India: रशिया यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच भारत के सामने अपने नागरिकों को भारत वापस लाने की चुनौती है। बताते चलें देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश से हजारों की संख्या में छात्र विदेश में पढ़ाई करने जाते हैं। मेडिकल की पढ़ाई के लिए बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश से छात्र यूक्रेन जाते हैं। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई उत्तर प्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई से काफी सस्ती है। जिसके चलते छात्रों व अभिभावकों की पसंद यूक्रेन बना हुआ है। यही कारण है कि हर साल हजारों की संख्या में छात्र मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए विदेश जाते हैं जिसमें यूक्रेन भी शामिल है।
यूपी में कई गुना महंगी है मेडिकल की पढ़ाई
यूक्रेन में मेडिकल की फीस सस्ती है वहीं दाखिला आसानी से मिल जाता है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विदेश में जाकर मेडिकल की पढ़ाई करते हैं। यूक्रेन समेत कई देशों में हर साल यूपी से बड़ी तादाद में छात्र-छात्राएं दाखिला ले रहे हैं। संबंधित अधिकारियों का कहना है कि यूपी के प्राइवेट कॉलेजों में हर साल एमबीबीएस की पढ़ाई पर लगभग एक करोड़ 15 लाख रुपये का खर्च आता है। वहीं यूक्रेन में मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के साडे 5 साल की पढ़ाई का पूरा खर्च मात्र 25 लाख रुपए आता है। जिसमें हॉस्टल भोजन का खर्च भी शामिल है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में छात्र यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए जाते हैं।
50 हजार सालाना भोजन के लिए करना पड़ता है भुगतान
यूक्रेन स्थित विंसेशिया नेशनल मेमोरियल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की एक साल की फीस करीब साढे चार लाख रुपये व 50000 हॉस्टल व भोजन के लिए जमा कराए जाते हैं। साडे 5 साल की पढ़ाई में करीब 25 लाख का खर्च होता हैं। वहीं यूपी के कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई पर हर साल 25 लाख रुपए का खर्च होता है। साडे 5 साल की पढ़ाई पर 1 करोड़ 15 लाख रुपए से ज्यादा का खर्च अभिभावकों को वाहन करना पड़ता है। परिवारिजन विदेश में एमबीबीएस कराना बेहतर मानते हैं। अधिकारियों का कहना है कि विदेश में परीक्षा पास करने के बाद छात्रों को भारत आकर एग्जिट परीक्षा पास करनी होती है इसके बाद छात्र भारत में भी प्रैक्टिस कर सकते हैं।
Updated on:
28 Feb 2022 03:34 pm
Published on:
27 Feb 2022 10:36 am
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