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उन्नाव रेप केस में इसे दोबारा भेजा गया जेल, पीड़िता को लाया गया सीबीआई दफ्तर

सीबीआई की टीम को पीड़िता के पिता के खिलाफ पुलिस की FIR फर्जी होने के सुबूत मिले हैं।
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लखनऊ

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Abhishek Gupta

•

Apr 19, 2018

CBI unnao rape case

CBI unnao rape case

लखनऊ. उन्नाव गैंगरेप मामले में सीबीआई ने अपनी तफ्तीश तेज कर दी है और इस कड़ी आज आज पीड़िता, उसकी मां और चाचा को लेकर लखनऊ स्थित सीबीआई ऑफिस लाया गया। यहां दिल्ली से आए सीबीआई प्रमुख अलोक कुमार वर्मा उन लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। सीबीआई की टीम को पीड़िता के पिता के खिलाफ पुलिस की FIR फर्जी होने के सुबूत मिले हैं। इसी के साथ ही आरोपी विधायक के भाई अतुल सेंगर से भी पूछताछ जारी है। वहीं आरोपी विधायक की मददगार शशि सिंह के दोबारा जेल भेज दिया गया है।

शशि की खत्म हुई रिमांड, भेजी गई जेल-

पीड़िता को बहला फुसला कर आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के पास ले जाने के आरोप में फंसी शशि सिंह की आज 4 दिन की सीबीआई रिमांड खत्म हो गई है। हालांकि आज बताया जा रहा था कि शशि सिंह को दोबारा सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में पेश किया जा सकता है जहां से उसकी रिमांड बढाई जा सकती है। लेकिन मामले में पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद सीबीआई ने शशि सिंह को वापस जेल भेज दिया है। कोर्ट में रिमांड की याचिका दाखिल नहीं हुई है।

कुलदीप सेंगर ने नार्कों टेस्ट के लिए भरी हामी-

इसी बीच आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने नार्को टेस्ट के लिए हामी भर दी है। सेंगर ने रिमांड के 5वें दिन सीबीआई को बयान दिया की वे नार्को टेस्ट समेत किसी भी टेस्ट के लिए तैयार हैं। अगर सीबीआई चाहती है तो उनका नार्को टेस्ट ले सकती है। सीबीआई ने फिलहाल इस संबंध में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया है।

माखी में किया गया नाटकीय रूपांतरण-

बुधवार को आरोपी भाजपा विधायक के भाई भाई अतुल सिंह व उसके चार साथियों के साथ सीबीआई की टीम माखी गांव आई, जहां उन्होंने दुष्कर्म पीड़िता के पिता के साथ हुई मारपीट की घटना का नाटकीय रूपांतरण किया। इस बीच मीडिया को मौके से दूर रखा गया, वहीं रोजाना दुष्कर्म पीड़ित परिजनों की तरफ से आ रहे बयानों पर भी केंद्रीय जांच ब्यूरो ने कड़ा रुख अख्तियार किया। जांच के दौरान पीड़ित परिजनों को मीडिया में बयान देने से रोका। जिसके बाद पीड़ित परिजनों ने भी मीडिया से दूरी बना ली।

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