
Mid Day Meal
लखनऊ. गर्मियों की छुट्टियों के दौरान सरकारी स्कूल के बच्चे भूखे न रहे इसके लिए सरकार ने उनके घरों तक मिड डे मील का राशन पहुंचाने का निर्देश दिया है। इसी के साथ ही अभिभावकों को कन्वर्जेंस कॉस्ट भी दी जाएगी। यूपी सरकार के फैसले के उपरांत सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। राशन के लिए बच्चों के अभिभावक को स्कूल बुलाया जाएगा। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए एक समय पर 2-3 अभिभावकों को ही स्कूल बुलाकर राशन दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सतीश चन्द्र द्विवेदी ने बताया कि सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे 1.80 करोड़ बच्चों को इससे लाभान्वित किया जाएगा। 1 अप्रैल से भारत सरकार द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार प्राथमिक विद्यालय के लिए 4.97 रुपए प्रतिदिन और उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए 7.45 रुपये प्रतिदिन स्वीकृत है। 24 मार्च से 30 जून तक रविवार व राजकीय अवकाश को छोड़कर कुल 78 दिन होते हैं। इस हिसाब से 78 दिनों के लिए प्राथमिक विद्यालयों के लिए 374.29 रुपए व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए 581.02 की परिवर्तन लागत देय है। जो आरटीजीएस के माध्यम से छात्रों के माता-पिता/अभिभावकों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
इतनो किलो दिया जाएगा राशन-
बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने आदेश जारी करते हुए कहा कि प्राइमरी स्कूल के बच्चे को 7.60 किलो और जूनियर बच्चों को 11.40 किलो राशन दिया जाएगा। यह राशन कोटेदार के माध्यम से दिया जाएगा। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्राधिकार पत्र (वाउचर) जारी करेंगे, जिसमें स्कूल, छात्र-छात्रा का नाम, पंजीयन संख्या, कक्षा व खाद्यान्न की मात्रा अंकित होगी। मिड डे मील में खाद्यान्न में गेहूं व चावल मिलता है। वहीं कन्वर्जेंस कॉस्ट दाल, सब्जी, मसाला, तेल, खाना पकाने के ईंधन आदि में खर्च होती है। मेन्यू में चार दिन चावल और दो दिन गेहूं से बने व्यंजन दिए जाते हैं।
Updated on:
30 May 2020, 5:02 PM IST
Published on:
30 May 2020, 4:15 PM IST
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