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कोई बंदर-भैंस, तो कोई बीवी से परेशान, UP 100 पर आती हैं हंसी छुड़ा देने वाली ऐसी शिकायतें

यूपी 100 ने एक साल में 47 लाख लोगों को पहुंचाई मदद, लेकिन इस दौरान मिली कई फनी शिकायतें।

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लखनऊ

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Dhirendra Singh

Jan 12, 2018

saharanpur news

UP 100

लखनऊ. उत्तर प्रदेश पुलिस की आपातकालीन सहायता सेवा यूपी 100 को बीते एक साल में लाखों शिकायतें फोन के जरिये मिली। इस दौरान यूपी 100 पर रोजाना एक लाख से अधिक लोगों ने शिकायत व फरीयाद की। लेकिन कई बार ऐसे कॉलरों ने भी फोन किया जिनकी समस्या सुनकर कॉल अटेंड करने वालों की हंसी छुटने को आ गई। तो कभी उन्हें समझ नहीं आया कि क्या जवाब दिया जाए। लेकिन इसके बाद भी सभी कि समस्याओं का शालीनता से हल निकाला गया। कई बार फोन करने वालों ने इस दौरान अपनी बीवी की शिकायत की, तो किसी को बिरयानी खानी थी, वहीं बच्चे को चुप कराने के लिए भी यूपी पुलिस को फोन लगा दिया।

यूपी 100 पर मिलती है दिमाग चकरा देने वाली शिकायतें
एडीजी यूपी 100 आदित्य मिश्रा ने बताया कि सभी कॉल को गंभीरता और शांति से सुनने के लिए कम्युनिकेशन ऑफिसर को ट्रेनिंग दी जाती है। इसके बाद तय किया जाता है कि कौन सी कॉल एक्शन के लायक है और कौन सी नहीं। वैसे हमारी प्राथमिकता पर सभी को मदद पहुंचाना रहता है। हालांकि बता दें कि यूपी 100 पर रोजाना आने वाली शिकायतों में कुछ ऐसी भी होती है, जिन्हें कम्युनिकेशन ऑफिसर के लिए हैंडल करना किसी चुनौती से कम नहीं होता।
- यूपी 100 के अधिकारी के मुताबिक पूर्व में एक व्यक्ति ने कॉल किया और बोला, मैडम बचवा बहुत रोवत है इका चुप कराये के वास्ते पुलिस भेज दो।
- एक कॉलर ने यूपी 100 पर फोन कर कहा, मंदिर में बंदर ने मुझे केले लेने पर थप्पड़ मारा, मैंने केले वापस देने की बात कहीं, फिर भी नहीं माना। बंदर की शिकायत करते हुए कॉलर ने पुलिस भेजने की मांग की।
- एक कॉलर ने यूपी 100 पर फोन कर कहा, मेरी पत्नी सुबह चाय नहीं देती है। इस पर यूपी 100 पीआरवी ने मौके पर पहुंच कर पति-पत्नी को समझाया। साथ ही पति की पत्नी के हाथों चाय पीने की ख्याइश पूरी कराई।
- एक मामले में यूपी 100 को एक व्यक्ति ने फोन कर बोला, मैम पुलिस भेजकर मुझे दुकान से बिरयानी दिलवा दो मुझे बिरयानी खाने का बहुत मन है। उसने पुलिस से इसलिए मदद मांगी थी क्योंकि केवल उसी को दुकानदार बिरयानी देने से मना कर रहा था।
- एक कॉलर ने बीवी से पीटने के डर को लेकर फोन किया था। उसने बताया, मेरी बीवी दरवाजा खोलकर सोती है, मेरी मदद कीजिए। कम्युनिकेशन ऑफिसर पूछा ऐसा क्यूं तो उसने बताया कि बीवी को नींद मे चलने की आदत है। जब ऑफिसर द्वारा सुझाव दिया गया कि वह पत्नी के सोने के बाद दरवाजा बंद कर लें। उसने बताया कि अगर मैं दरवाजा बंद करता हूं, तो वे मुझे सुबह उठकर पीट देगी। इसके बाद उनकी भी समस्या का बातचीत के बाद हल निकाला गया।
- एक कॉलर ने अपनी भैंस को लेकर फोन किया और बोला, मैने भैस को बुहत मारा है, वह नाराज हो गई। वह फिलहाल छत पर चढ़ गई है। ऑफिसर द्वारा उसे रोटी व चारा दिखाकर नीचे उतारने की सलाह दी गई। इसके बाद पुलिस खुद भी मौके पर मदद व वास्तविकता का जायजा लेने पहुंची।

Dhirendra Singh IMAGE CREDIT: Patrika News

हर शिकायत को गंभीरता से लेना प्राथमिकता
यूपी 100 के स्टेट रेडियो ऑफिसर, राघवेंद्र द्विवेदी ने बताया कि हमारे पास आने वाली हर कॉल महत्वपूर्ण है। सभी कॉल को प्रारम्भिक स्तर पर अटेंड करने के लिए करीब 500 ट्रेंड कम्युनिकेशन ऑफिसर चौबीस घंटे तीन शिफ्ट में तैनात हैं। महत्वपूर्ण शिकायतों के अतिरिक्त आने वाली शिकायतों को भी गंभीरता से सुनने के लिए इन्हें ट्रेनिंग दी गई है। इसके बाद सीनियर अफसर देखते हैं कि किन शिकायतों पर पुलिस व पीआरवी को भेजाना है।

गलती की कोई गुंजाईश नहीं
राघवेंद्र द्विवेदी ने कहा कि हम जिस जगह बैठे है, वहां गलतियों को दोहराने की कोई गुंजाईश नहीं है, क्योंकि लोग आपातकाल में सबसे पहले हमसे संपर्क करते हैं। ऐसे में सभी कम्युनिकेशन ऑफिसर के पास आने वाली कॉल ऑडिट होती है। सीनियर ऑफिसर हर शिफ्ट खत्म होने पर एक ब्रीफिंग करते हैं, ताकि कम्युनिकेशन ऑफिसर को हर तरह की समस्या के लिए गाइड किया जा सकें।