
आखिरकार लंबे समय के बाद शनिवार को उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी संगठन ने अपने पदाधिकारियों के नामों का ऐलान कर दिया गया। बहुप्रतिक्षित इस लिस्ट में जहां कई पुराने नेताओं को फिर से जगह मिला है। वहीं, कई नेताओं को बाहर जाना पड़ा हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर लिस्ट में पिछड़ों और दलितों का खास ख्याल रखा गया है।
क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाने में रखा गया जातीय समीकरण का ख्याल
2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर भाजपा ने अपने क्षेत्रीय अध्यक्षों के भी नामों का भी ऐलान कर दिया । नए बनाए गए अध्यक्षों में जातीय समीकरण का पूरा ख्याल रखा गया है। 6 क्षेत्रीय अध्यक्षों में एक पाल गड़ेरिया समुदाय से, एक शाक्य समुदाय से, एक कुर्मी समुदाय से, एक वैश्य समाज से, एक क्षत्रीय समुदाय से और एक ब्राह्मण समुदाय से बनाए गए है।
पिछड़ों और OBC नेताओं पर भाजपा ने लगाया दांव
प्रदेश में होने वाले नगरल निगम और 2024 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर BJP ने अपनी नई टीम में पिछड़े व दलित नेताओं को तरजीह दिया है। संगठन की नई गठित 45 पदाधिकारियों की टीम में 50% से ज्यादा पिछड़े और दलित नेता है। इन नेताओं को 2024 में पार्टी को जीताने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बता दें कि इस वक्त UP BJP के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह सैनी दोनों ही पिछड़े समाज से आते है।
दलितों को मिला संगठन में जगह
अगर जातिवार चेहरों को देखें तो संगठन में दलितों को लगभग 20 % जगह दिया गया है। इस टीम में दलित वर्ग से आने वाले 8 चेहरों को जगह दी गई है. इसमें 2 जाटव, 2 पासी, 1 वाल्मीकि, 1 सोनकर और 2 कोरी समाज से आते हैं।
ABVP के चेहरों को मिली संगठन में जगह
बता दें कि प्रदेश संगठन महामंत्री रहते हुए सुनील बंसल ने बीजेपी संगठन में ABVP के चेहरों को संगठन से जोड़ा था। इस बार भी उसी प्रथा को आगे बढ़ाया गया है। संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह सैनी ने भी इस बार भी ABVP के लोगों को संगठन में जगह दिया है।
Published on:
26 Mar 2023 03:40 pm
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