
बीजेपी के इन क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों के बदले कार्यक्षेत्र, एक दर्जन और पदाधिकारियों को हटाने की तैयारी
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अगले महीने मंत्रिमंडल विस्तार करने जा रही है। बीजेपी बड़े पैमाने पर संगठन और सरकार में फेरबदल की तैयारी है। शनिवार से इसकी शुरुआत हो गई। उत्तर प्रदेश में बीजेपी के तीन क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव कर दिया गया है, वहीं अन्य क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों को जल्द ही नई जिम्मेदारी देने की बात कही गई है। इसी महीने करीब एक दर्जन जिलाध्यक्षों को भी हटाने की तैयारी है। जुलाई के पहले सप्ताह में अमित शाह लखनऊ आ रहे हैं। रात्रि प्रवास के दौरान वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और चुनिंदा मंत्रियों के साथ मैराथन बैठक करेंगे।
शनिवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने क्षेत्रीय संगठन मंत्री रत्नाकर को काशी और गोरखपुर क्षेत्र, प्रद्युम्न को अवध क्षेत्र, भवानी सिंह को बृज क्षेत्र एवं कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी है। रत्नाकर का केंद्र काशी, प्रद्युम्न का केंद्र लखनऊ और भवानी सिंह का केंद्र आगरा होगा। इसके अलावा शिवकुमार पाठक, ओमप्रकाश और बृज बहादुर सिंह को वेटिंग में रखा गया है। इन्हें जल्द ही जिम्मेदारी देने की बात कही गई है। इस फेरबदल को लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनज़र महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अगले महीने मंत्रिमंडल विस्तार करेंगे सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अगले महीने कैबिनेट में फेरबदल करने जा रहे हैं। मंत्रिमंडल में जहां कुछ नये चेहरे देखने को मिल सकते हैं, वहीं कुछ पुराने दिग्गजों की कुर्सी जा सकती है या फिर उन्हें कम महत्व वाले विभाग दिये जा सकते हैं। लोकसभा चुनाव से पहले मंत्रिमंडल में फेरबदल के जरिये बीजेपी अति पिछड़ों और दलितों को मंत्रिमंडल में शामिल कर सामाजिक सियासी समीकरण साधने की कोशिश करेगी। फेरबदल के जरिये योगी सरकार की कोशिश सामाजिक सियासी समीकरण साधने की होगी। चर्चा है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के लखनऊ दौरे के बाद प्रदेश सरकार में कैबिनेट में फेरबदल करेगी।
कुछ के कतरेंगे पर तो कुछ का बढ़ेगा कद
गोरखपुर व फूलपुर के बाद कैराना और नूरपुर उपचुनाव में मिली हार के बाद लोकसभा चुनाव के लिये पार्टी नये सिरे से रणनीति बनाने में जुटी है। इसी के तहत जहां कुछ मंत्रियों के पर कतरे जा सकते हैं, वहीं पश्चिम के दो मंत्रियों को बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। सूत्रों की मानें तो योगी मंत्रिमंडल में किसी गुर्जर नेता को भी कैबिनेट में जगह दी जा सकती है, ताकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पिछड़ों को साधा जा सके। इसके अलावा ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा और बृजेश पाठक को कुछ महत्वपूर्ण पद देकर ब्राह्मण वोटों को भी दुरुस्त करने की कोशिश की जा सकती है। वहीं, महेंद्र सिंह, स्वतंत्र देव सिंह और चेतन चौहान का महत्व बढ़ाकर योगी सरकार ठाकुरों को साधने कि कवायद करेगी। स्वामी प्रसाद मौर्य का भी पद बढ़ाया जा सकता है।
13 नये मंत्री होंगे शामिल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत यूपी कैबिनेट में अभी 47 मंत्री हैं। सू्त्रों की मानें तो जुलाई में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में यह संख्या 60 तक पहुंच सकती है। सूबे के 40 जिले अभी ऐसे हैं, जहां से किसी नेता को मंत्री नहीं बनाया गया है। इस बार योगी सरकार में फैजाबाद समेत अन्य जिलों के नेताओं को मौका मिल सकता है। कुछ का मंत्रीपद से पत्ता भी कट सकता है।
लखनऊ से दिल्ली की दौड़ शुरू
योगी मंत्रिमंडल में फेरबदल के बीच दावेदारों ने लखनऊ से दिल्ली के बीच भागदौड़ तेज कर दी है। मंत्रीपद के दावेदार जहां पैरोकारों संग खुद के लिये जुगाड़ लगा रहे हैं, वहीं मंत्री की कुर्सी छिनने की आशंका के चलते कई नेता सक्रिय हो गये हैं। सूत्रों की मानें तो जुलाई में बीजेपी संगठन और मंत्रिमंडल विस्तार में कई नेताओं को इधर से उधर किया जा सकता है।
Updated on:
17 Jun 2018 10:10 am
Published on:
17 Jun 2018 09:45 am
