
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ.UP Block Pramukh Chunav Result : देश की राजनीति में परिवारवाद की जड़ें काफी गहरी हैं। कश्मीर से कन्याकुमारी तक वंशवाद और परिवारवाद की जड़ें और भी मजबूत होती जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) कई बार परिवारवादी पार्टियों को लोकतंत्र के लिए खतरा बता चुके हैं। लेकिन, उन्हें शायद भाजपा (BJP) में पनप रहा परिवारवाद नजर नहीं आता है। उत्तर प्रदेश में हुए ब्लॉक प्रमुख के चुनाव इसका जीता जागता उदाहरण हैं। जहां मंत्री, सांसद और विधायकों ने अपने परिवार के सदस्यों को चुनाव लड़वाया और निर्विरोध जिताने में कामयाब भी हुए हैं।
उत्तर प्रदेश ब्लॉक प्रमुख चुनाव में बड़ी जीत से भाजपा नेता गदगद हैं और अब आगामी विधानसभा चुनाव में भी इसी तरह जीत का दावा कर रहे हैं। खुद पीएम मोदी ने इस बड़ी जीत के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) सरकार की नीतियों की तारीफ की है। भाजपा ने 825 सीटों में से 648 सीटों पर कब्जा जमाया है। वहीं, सपा ने 100 से अधिक सीट जीतने का दावा किया है। इस चुनाव में खास बात ये रही कि परिवारवाद के मुद्दे को लेकर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों पर निशाना साधने वाली भाजपा इस चुनाव में खुद इसे बढ़ावा देती नजर आई। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में मंत्रियों के बहू-बेटे और रिश्तेदारों को उतारा गया और उनमें से कुछ निर्विरोध भी जीत गए। आइये जानते हैं किस मंत्री, सांसद और विधायक ने दिया परिवारवाद को बढ़ावा।
इन मंत्रियों के पुत्र और पुत्रवधू बने ब्लॉक प्रमुख
- उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने पहली बार पुत्रवधू सविता मौर्य को रायबरेली के दीनशाह गौरा ब्लॉक से चुनाव लड़वाकर निर्विरोध जीत दिलवाई।
- चार बार के विधायक मुकुट बिहारी वर्मा को पहली बार सहकारिता मंत्री बनाया गया था। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में उन्होंने अपने बेटे अभिषेक वर्मा को बहराइच जिले के मिहींपुरवा ब्लॉक से लड़वाया और निर्विरोध जितवाया।
- उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बेटे सुब्रत शाही को देवरिया के पथरदेवा ब्लॉक से ब्लॉक प्रमुख पद के प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतारा और वह दूसरी बार ब्लॉक प्रमुख का चुनाव निर्विरोध जीत गए।
- पशुधन राज्य मंत्री जय प्रकाश निषाद ने अपनी पुत्रवधू अनीता निषाद को देवरिया के गौरीबाजार ब्लॉक से पहली बार ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़वाया और निर्विरोध जिताया।
- ग्राम विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह अपने बेटे राजीव प्रताप सिंह को पहली बार ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में उतारा और प्रतापगढ़ जिले के मंगरौरा ब्लॉक से निर्विरोध जितवाया।
- पशुधन दुग्ध विकास मंत्री लक्ष्मीनारायण सिंह चौधरी ने भतीजे की पत्नी सुंदरी को मथुरा के नंदगांव ब्लॉक से पहली बार चुनाव लड़वाया और निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख बनवाया।
- माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाबो देवी ने संभल के बनियाखेड़ा ब्लॉक से बेटी सुगंधा सिंह को चुनाव मैदान में उतारकर निर्विरोध जीत हासिल की।
- ग्राम विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप ने भतीजे राकेश प्रताप सिंह को प्रतापगढ़ के पट्टी ब्लॉक से दूसरी बार निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख बनवाया।
- शहरी विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता के भाई पत्नी नीलम गुप्ता ने बदायूं के दहिगवां ब्लॉक से पहली बार में ही निर्विरोध जीत हासिल की।
- विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित के बेटे दिलीप दीक्षित ने राजनीति में पहला चुनाव ब्लॉक प्रमुख के पद पर उन्नाव जिले के हिलौली ब्लॉक से लड़ा और निर्विरोध जीत हासिल की।
इन विधायकों के परिवार के सदस्य भी बने ब्लॉक प्रमुख
- मेरठ की सरधना विधानसभा सीट से विधायक संगीत सोम ने पहली बार पत्नी प्रीति सोम को ब्लॉक प्रमुख का चुनाव सरधना ब्लॉक से ही लड़वाया और निर्विरोध जिताया।
- उन्नाव सदर से विधायक पंकज गुप्ता के भाई नीरज गुप्ता बिछिया ब्लॉक से निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जीते।
प्रतापगढ़ की रानीगंज सीट से विधायक धीरज ओझा के भतीजे सत्यम ओझा ने शिवगढ़ ब्लॉक से निर्विरोध चुनाव जीता।
- विधायक और पूर्व मंत्री अनुपमा जायसवाल के बेटे शिवम जायसवाल ने बहराइच के जमुनहा ब्लॉक से पहली बार निर्विरोध चुनाव जीता।
- दातागंज से विधायक राजीव कुमार सिंह के बेटे अतेंद्र विक्रम सिंह ने बदायूं के दातागंज ब्लॉक से निर्विरोध चुनाव जीता।
Published on:
11 Jul 2021 11:24 am
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
