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फ्लेक्सी फेयर से हमसे रोज 30 करोड़ वसूलेगी सरकार, ऐसे समझें कमाई का गणित

औसतन रेलवे का एक दूरंतो से प्रतिदिन 11 लाख, राजधानी से 24 लाख व शताब्दी एक्सप्रेस से 16 लाख की अतिरिक्त कमाई होगी।
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लखनऊ

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Rajeev sharma

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Updated: 11 Sep 2016, 8:48 AM IST

विकास वर्मा

भोपाल. राजधानी, शताब्दी और दुरंतो का सफर शुक्रवार से महंगा हो चुका है। हवाई जहाज की तरह रेलवे अब ट्रेनों में भी फ्लेक्सी फेयर सिस्टम लागू कर रहा है। इससे बेसिक फेयर डेढ़ गुना तक बढ़ जाएगा। फ्लेक्सी फेयर सिस्टम का असर कुल 189 ट्रेनों के किराए पर पड़ेगा। रेलवे के इस नए दांव से उसे रोजाना करीब 30 करोड़ रुपए से अधिक का अतिरिक्त फायदा होगा।

औसतन रेलवे का एक दूरंतो से प्रतिदिन 11 लाख, राजधानी से 24 लाख व शताब्दी एक्सप्रेस से 16 लाख की अतिरिक्त कमाई होगी। मंत्रालय के अनुसार देश के 98 रूटों पर 80 दूरंतो, 55 राजधानी व 54 शताब्दी एक्सप्रेस संचालित होती हैं। एेसे में प्रतिदिन 189 ट्रेनों की 1.77 लाख सीटों से बढ़ा किराया वसूलकर रेलवे को 30 करोड़ की कमाई होगी।

ये परेशानियां भी

सर्ज प्राइसिंग रेलवे व एयरलाइन्स के मध्य कॉम्पिटीशन बढ़ेगा।

90 फीसदी बर्थ के लिए अधिक किराए से अंतिम समय में बर्थ खाली रह जाएं और टिकटें महंगी बिकें।

एयरलाइन्स की तुलना में फ्लेक्सी-फेयर सिस्टम में पारदर्शिता नहीं है।

यात्रा के दौरान अक्सर आईडी चेकिंग के लिए सख्ती नहीं बरती जाती। फर्जी आईडी बनाकर भी टिकटें पहले से ही खरीद ली जाएंगी।