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UP Board Results 2026: 18 मार्च से शुरू होगा कॉपियों का मूल्यांकन, शिक्षकों के लिए जारी हुई ‘नो-गैजेट’ लिस्ट

UP Board Results 2026: यूपी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन 18 मार्च से शुरू हो रहा है। ऐसे में शिक्षकों को पारदर्शिता और गोपनीयता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

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लखनऊ

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Namrata Tiwary

Mar 08, 2026

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प्रतीकात्मक तस्वीर - एआइ

यूपी बोर्ड की परीक्षाएं खत्म होने के बाद अब छात्र-छात्राओं को अपने नतीजों का बेसब्री से इंतजार है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की तारीखों का ऐलान कर दिया है। प्रदेश में 18 मार्च से कॉपियों की जांच का काम शुरू हो जाएगा। इसे लेकर बोर्ड ने सुरक्षा और गोपनीयता के सख्त इंतजाम किए हैं।

249 केंद्रों पर जांची जाएंगी कॉपियां

यूपी बोर्ड परीक्षा-2026 के मूल्यांकन के लिए पूरे प्रदेश में 249 केंद्र बनाए गए हैं। कॉपियों की जांच 18 मार्च से शुरू होकर 1 अप्रैल तक चलेगी। इस कार्य के लिए 1.40 लाख से भी अधिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों को 16 मार्च तक अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी और 17 मार्च को उन्हें कॉपियों की जांच के संबंध में विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।

मोबाइल और गैजेट्स पर बैन

इस बार बोर्ड ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त हिदायत दी है। मूल्यांकन कक्ष के भीतर शिक्षक या कर्मचारी अपना मोबाइल फोन या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं ले जा सकेंगे। यदि कोई शिक्षक कॉपी या मूल्यांकन से जुड़ी कोई भी जानकारी डिजिटल या मौखिक रूप से साझा करता पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गोपनीयता को बरकरार रखना बोर्ड की पहली प्राथमिकता है।

तीसरी आंख की निगरानी

मूल्यांकन केंद्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर केंद्र पर वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।इनका सीधा कनेक्शन जिला और राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से होगा। इसके अलावा हर जिले में एक पर्यवेक्षक और हर केंद्र पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) की टीम भी तैनात की जाएगी ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।

शिक्षकों के लिए कोटा

बोर्ड ने काम की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियम तय किए हैं। हर शिक्षक को प्रतिदिन 45 से 50 कॉपियों की जांच करनी होगी। काम खत्म होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के बंडलों को क्षेत्रीय कार्यालयों तक पहुंचाने के लिए सशस्त्र पुलिसकर्मियों की सुरक्षा में ट्रकों का इस्तेमाल किया जाएगा। शिक्षकों को डीआईओएस (DIOS) की ओर से पहचान पत्र भी जारी किए जा रहे हैं जिसके बिना प्रवेश मुमकिन नहीं होगा।