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नए तरीके का होगा यूपी बजट, जानें क्या होगा खास, कितना होगा अलग

19 फरवरी को राज्य का बजट पेश करने जा रहे वित्र मंत्री सुरेश खन्ना के हाथों में कागजों का बंडल नहीं बल्कि स्मार्ट टैबलेट होगा, जिसमें वित्त वर्ष 2021-22 का आर्थिक रोडमैंप होगा।

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लखनऊ

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Abhishek Gupta

Feb 06, 2021

Vidhan Sabha

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क.
लखनऊ. इस वर्ष उत्तर प्रदेश का बजट (UP Budget) नए तरीके का होगा। 19 फरवरी को राज्य का बजट पेश करने जा रहे वित्र मंत्री सुरेश खन्ना (Suresh Khanna) के हाथों में कागजों का बंडल नहीं बल्कि स्मार्ट टैबलेट (Ipad) होगा, जिसमें वित्त वर्ष 2021-22 का आर्थिक रोडमैंप होगा। जिस तरह केंद्रीय बजट (Union Budget) पेपरलेस हुआ, उसी तरह इस वर्ष राज्य का बजट भी पेपरलेस होगा। यह नहीं, पहली बार बजट सत्र में सभी विधायक टैबलेट (Tablet) के साथ मौजूद होंगे। सभी को राज्य सरकार की ओर से बजट सत्र से पूर्व 50,000 रुपए तक के एप्पल कंपनी के टैबलेट खरीदने के निर्देश मिल चुके हैं। इसके अतिरिक्त सभी विधायकों को सत्र में शामिल होने से पूर्व अपनी कोरोना जांच करानी होगी, जिसकी रिपोर्ट दिखाने के बाद ही वह विधानसभा में दाखिल हो सकेंगे। माना जा रहा है कि इस बार कुल बजट का आकार भी पिछली बार के बचट की तुलना में बड़ा होगा। अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पूर्व यह आखिरी बजट है। ऐसे में योगी सरकार कई लुभावनी घोषणाएं कर सकती हैं।

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पर्यावरण का रखा जाएगा ध्यान-
बजट के पेपरलेस जाने की पीछे पर्यावरण की सुरक्षा मुख्य उद्देश्य है। बजट की कागजों पर छपाई से करीब चार से पांच लाख रुपए की बचत तो होगी ही, पर्यावरण संरक्षण में मदद भी मिलेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश विधान परिषद के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश सिंह ने शुक्रवार को पत्र जारी कर सभी विधायकों को 18 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र से पहले एप्पल कंपनी के 50,000 रुपए मूल्य तक के आईपैड खरीदने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि आईपैड खरीदने के बाद सभी इसका बिल प्रस्तुत करेंगे, जिसके अनुसार भुगतान किया जाएगा।

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विधायकों को दी जाएगी ट्रेनिंग-
पेपरलेस होने से पहले प्रदेश के सभी एमएलए व एमएलसी को आईपैड के इस्तेमाल की बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए 11 से 13 फरवरी तक एक प्रक्षिक्षण कार्यक्रम चलेगा। एनआइसी के एक्‍सपर्ट विधायकों को पेपरलेस कार्य करने के गुण सिखाएंगी। साथ ही विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र की समस्‍याओं को आगे बढ़ाने से लेकर विधान सभा व विधान परिषद में सवाल पूछने तक की प्रक्रिया को पेपरलेस करने के तरीके बताए जाएंगे।

बजट का आकार होगा बड़ा-
विधान सभा चुनाव से पहले योगी सरकार के आखिरी बजट का आकार भी बड़ा होने का अनुमान है। जहां बीते वित्तीय वर्ष में वित्त मंत्री ने 5.12 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया था, वहीं सूत्रों की मानें, तो इस वर्ष अनुमान है कि कुल बजट 5.50 लाख करोड़ रुपए का हो सकता है। इस बार युवाओं और किसानों पर ज्यादा फोकस होगा।