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9.12 लाख करोड़ का महाबजट: यूपी सरकार का दावा, 6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर, विकास की रफ्तार होगी दोगुनी

UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जो पिछले साल से 12% अधिक है। सरकार ने दावा किया कि 6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं और प्रति व्यक्ति आय दोगुनी से ज्यादा बढ़ी है।

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लखनऊ

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Mohd Danish

Feb 11, 2026

up budget 2026 highlights hindi

9.12 लाख करोड़ का महाबजट | Image - X/@ANI

UP Budget 2026 Highlights Hindi: उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट सदन में पेश कर दिया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट प्रस्तुत करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि राज्य ने बीते वर्षों में कानून-व्यवस्था, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और किसानों की खुशहाली जैसे क्षेत्रों में व्यापक प्रगति की है।

9.12 लाख करोड़ का बजट, 12% की वृद्धि

इस वर्ष यूपी का बजट आकार 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले बजट की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। सरकार का कहना है कि यह बजट विकास और जनकल्याण दोनों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाने की दिशा में तैयार किया गया है।

जीएसडीपी में 13.4% की बढ़ोतरी

वर्ष 2024-2025 के त्वरित अनुमान के अनुसार प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 30.25 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। सरकार ने इसे राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति का संकेत बताया है।

प्रति व्यक्ति आय दोगुनी से अधिक

प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये आंकी गई है, जो वर्ष 2016-2017 में 54,564 रुपये थी। वर्ष 2025-2026 में इसे बढ़ाकर 1,20,000 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। सरकार का दावा है कि यह वृद्धि आम नागरिक की आय में सुधार का प्रमाण है।

6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफलता मिली है। बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है, जिसे सरकार अपनी योजनाओं और निवेश नीतियों का परिणाम बता रही है।

एसडीजी इंडेक्स में सुधार

सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल (SDG) इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग वर्ष 2018-19 में 29वें स्थान पर थी, जो 2023-24 में सुधरकर 18वें स्थान पर पहुंच गई है। इसे सामाजिक और आर्थिक संकेतकों में सुधार का संकेत माना जा रहा है।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का असर

फरवरी 2024 में आयोजित चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हस्ताक्षरित हुए हैं। इनसे लगभग 10 लाख रोजगार सृजन की संभावना जताई गई है। करीब 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह सम्पन्न हो चुके हैं।

मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में यूपी अग्रणी

उत्तर प्रदेश को भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बताया गया है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है। इसके अलावा, देश की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयां भी यहीं स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।

स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर’ श्रेणी

उद्योग और तकनीक में निवेश तथा नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों के चलते उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर’ श्रेणी में स्थान मिला है। सरकार का कहना है कि इससे युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे।

एग्री-एक्सपोर्ट हब की स्थापना

विश्व बैंक सहायता प्राप्त यू.पी. एग्रीज परियोजना के अंतर्गत प्रदेश में एग्री-एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाना है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार

जनविश्वास सिद्धांत के आधार पर उद्योगों के लिए रजिस्ट्रेशन और लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को और सरल बनाने की योजना है। इससे निवेशकों को सुगमता और पारदर्शिता मिलेगी।

डिजिटल इंटरप्रेन्योरशिप पर जोर

प्रदेश में डिजिटल इंटरप्रेन्योरशिप योजना लागू की जाएगी, जिससे युवाओं को तकनीक आधारित रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे।

कौशल विकास मिशन मोड में

सरकार ने युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगारपरक प्रशिक्षण और कौशल संवर्धन कार्यक्रमों को मिशन मोड में संचालित करने की घोषणा की है। कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और नए केंद्र खोले जाएंगे।

पीपीपी मॉडल पर जॉब प्लेसमेंट सेंटर

निजी क्षेत्र की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए पीपीपी मॉडल पर कौशल संवर्धन और जॉब प्लेसमेंट केंद्र विभिन्न जिलों में स्थापित किए जाएंगे। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए पृथक प्रशिक्षण केंद्र भी खोले जाएंगे।