25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

यूपी कैबिनेट बैठक में मल्टीप्लेक्स और सिनेमा घरों को बड़ी राहत, इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर

बैठक के दौरान मल्टीप्लेक्स और सिनेमा घरों को जीएसटी के दायरे से बाहर कर राहत दी गई है
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Karishma Lalwani

•

Updated: 20 Nov 2018, 3:52 PM IST

yogi adityanath

यूपी कैबिनेट बैठक में मल्टीप्लेक्स और सिनेमा घरों को बड़ी राहत, इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर

लखनऊ. मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक हुई। बैठक के दौरान मल्टीप्लेक्स और सिनेमा घरों को जीएसटी के दायरे से बाहर कर राहत दी गई है। इसी के साथ बैठक अन्य अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी।

कैबिनेट बैठक में मिली इन प्रस्तावों को मंजूरी

प्रदेश के मल्टिप्लेक्स और सिनेमा घरों को स्टेट जीएसटी के दायरे से बाहर कर राहत दी है। मल्टिप्लेक्स और सिनेमाघरों को 1 जुलाई 2017 से 20 जून 2020 तक राहत दी जाएगी। इसके अलावा अन्य फैसलों में सरकार ने 2.64 करोड़ रुपये खर्च कर 5 इनोवा क्रिस्टा, 5 स्कार्पियो और 7 हौंडा सिटी खरीदने पर भी मुहर लगाई है।

प्रदेश में कुपोषण की हालत देखते हुए बच्चों को सुपोषित करने के लिए महिला एवं बाल विकास के माध्यम से मुख्यमंत्री सुपोषण योजना शुरु की जाएगी। ये योजना गोंडा सहिता 11 अन्य जिलों में शुरू की जाएगी। योजना के अंतर्गत सीएचसी और पीएचसी ब्लॉक स्तर पर 28 जगहों को स्थान दिया जाएगा, जहां 6-6 बड़े बेड होंगे। यहां एक कंसल्टेंट, 3 स्टाफ नर्स, दो कुक और एक क्लीनर की नियुक्ति होगी। इसके तहत हर मंगलवार को बाल विकास परियोजना अधिकारी और शनिवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी इसका निरीक्षण करने आएंगे। यह योजना जनवरी 2019 से मार्च 2020 तक चलेगी, जिसमें 5 करोड़ का खर्च आएगा। हर 15 दिन पर फॉलोअप होगा। आंगनबाड़ी वर्कर्स को इसके लिए 50 रुपये प्रति रेफरल और मुख्य सेविका को 200 रुपये फॉलोअप के लिए मिलेंगे।

सीतापुर को कैबिनेट की बड़ी सौगात

कैबिनेट में सीतापुर को बड़ी सौगात दी है। यहां 1550 करोड़ रुपये की लागत से ग्रीन फ्यूल उत्पादन प्लांट लगाया जाएगा। इसके लिए दिल्ली की सनलाइट फ्यूल कंपनी को चुना गया है, जिसे स्टांप ड्यूटी पर छूट और 15 फीसदी निवेश पर सब्सिडी के साथ सरकार 10 साल तक की प्रतिपूर्ति पर राजी है। 500 मीट्रिक टन खोई से 1.75 लाख लीटर ग्रीन फ्यूल बनेगा। मामले में लेटर ऑफ कंफर्ट को मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा गन्ने की खोई का भी उपयोग किया जाएगा।

कैबिनेट के अन्य फैसले