
सीएम योगी (IANS Photo)
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और आर्थिक भागीदारी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार के कामों का जिक्र किया है। सीएम योगी ने कहा कि साल 2017 से पहले प्रदेश में माफिया, दंगाइयों और अपराधियों के आतंक के कारण महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भर बनने की राह में बाधाएं थीं। पिछले नौ सालों में अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, मिशन शक्ति, 1090 हेल्पलाइन और सेफ सिटी जैसी पहलों के जरिए महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने का प्रयास किया गया है। सरकार के मुताबिक, महिला श्रम बल भागीदारी में भी बढ़ोतरी हुई है।
सीएम योगी ने कहा कि मिशन शक्ति, इंटीग्रेटेड 1090 हेल्पलाइन, महिला बीट पुलिसिंग और सेफ सिटी परियोजना जैसी पहलों के जरिए घर से लेकर सड़क, शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों तक महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने का प्रयास किया गया है। सीएम योगी ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि पुलिस रिस्पॉन्स टाइम वर्ष 2016 के 65 मिनट से घटकर 5 मिनट रह गया है। सुरक्षा के इसी भरोसे के कारण आज महिलाएं नाइट शिफ्ट में भी निडर होकर काम कर रही हैं।
सीएम ने कहा कि महिला श्रम बल भागीदारी 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक होने का दावा किया गया है। कृषि, उद्योग, सेवा और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी प्रदेश के आर्थिक विकास को गति दे रही है। सरकार के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय में हुई तीन गुनी वृद्धि में भी नारी शक्ति का महत्वपूर्ण योगदान है।
सीएम ने एक्स पोस्ट में कहा कि साल 2017 से पहले बेटियों को संबल देने के बजाय पूर्ववर्ती सरकारें केवल अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में व्यस्त थीं। प्रदेश में माताओं का स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा घोर उपेक्षा एवं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी। अस्पतालों की बदहाली, दवाओं का अभाव और संस्थागत प्रसव की लचर व्यवस्था के कारण मातृ-शिशु मृत्यु दर चिंताजनक स्थिति में थी।
मुख्यमंत्री ने लिखा कि विगत साढ़े 9 साल में डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदला है। पहले सुविधाओं के अभाव में प्रदेश की लाखों बेटियां पढ़ाई छोड़ने को मजबूर थीं, लेकिन विगत 9 सालों में डबल इंजन सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व तक समग्र सुरक्षा एवं कल्याण चक्र तैयार किया है। सीएम योगी ने साल 2017 के बाद बदले परिदृश्य पर भी ध्यानाकर्षण कराया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का सैचुरेशन 36 से बढ़कर 96 फीसदी से अधिक हो गया है। स्कूल ड्रॉपआउट रेट 20 से घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गया है।
Updated on:
17 Oct 2026 08:29 am
Published on:
17 Oct 2026 08:18 am
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