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दरोगा का शव लेने के लिए 2 पत्नियों के बीच हुई तू-तू मैं-मैं; मारपीट तक पहुंची नौबत, जानें फैसला क्या हुआ?

UP crime: दरोगा की मौत के बाद उसकी दो पत्नियां शव लेने को लेकर आपस में भिड़ गईं। इस दौरान मारपीट की नौबत आ गई। जानिए मामले में क्या फैसला लिया गया?

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लखनऊ

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Harshul Mehra

Jul 30, 2025

Lucknow News

दरोगा का शव लेने के लिए 2 पत्नियों के बीच हुई तू-तू मैं-मैं। फोटो सोर्स-X

UP crime: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में दरोगा की मौत के बाद जमकर हंगामा देखने को मिला। दरोगा का शव लेने के लिए उसकी दोनों पत्नियों के बीच झगड़ा हो गया। हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने जैसे-तैसे मामले को शांत करवाया।

स्लो पॉइजन देकर हत्या करने का आरोप

दरअसल, सोमवार को दरोगा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई जिसका पोस्टमार्टम करवाया गया। जैसे ही दरोगा का शव पोस्टमार्टम के बाद मोर्चरी से बाहर आया तो दोनों पत्नियों के बीच शव अपने साथ ले जाने को लेकर जमकर झगड़ा हुआ। इस दौरान दरोगा की पहली पत्नी के बेटे आशीष ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी स्लो पॉइजन देकर हत्या की गई है। उनकी हत्या संपत्ति विवाद के चलते हुई है।

शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया

पूरा मामला गुड़ंबा थाना इलाके का बताया जा रहा है। दरोगा संजय कुमार पाठक (54) जौनपुर के मछलीशहर के रहने वाले थे। उरई की कोतवाली नगर में वह तैनात थे। अपनी दूसरी पत्नी के साथ वह गुडंबा के आदिलनगर में रह रहे थे। सोमावर को तबियत बिगड़ने के बाद दरोगा को अस्पताल लाया गया था। जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौत को संदिग्ध मानते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।

दरोगा का शव ले जाने को लेकर भिड़ी दो पत्नियां

बता दें कि मछलीशहर में मृतक दरोगा संजय पाठक की पहली पत्नी चंद्रकुमारी पाठक रहती हैं। उनके 1 बेटा और 3 बेटियां हैं। वहीं, 2016 में संजय ने दूसरी पत्नी आराधना अंसारी से शादी की थी। आदिलनगर में ही अराधना रहती हैं। दरोगा के आराधना से 2 बेटे अभिनव और अरनव हैं। पोस्टमॉर्टम होने के बाद जब दरोगा का शव बाहर आया तो दोनों पत्नियों के बीच शव ले जाने को लेकर जमकर विवाद हुआ। तू-तू मैं-मैं इतनी बढ़ गई की मारपीट तक की नौबत आ गई।

पुलिस ने शव मृतक के पिता के हवाले किया

हंगामे की सूचना मिलने के बाद गुडंबा थाना प्रभारी प्रभतेश श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर दरोगा की दोनों पत्नियों और उनके साथ आए लोगों को शांत करवाया। उन्होंने दरोगा के शव को उसके पिता दयाशंकर पाठक के हवाले कर दिया। बेटे का शव लेकर पिता दयाशंकर पैतृक जिले जौनपुर चले गए। परिवार के लोगों ने मामले को लेकर फिलहाल कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही दरोगा की मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।