
अखिलेश यादव पर सरकार का पलटवार, कहा - खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों का बंगला खाली होने के बाद अब सत्ताधारी दल और विपक्षी समाजवादी पार्टी इस मसले को लेकर आमने-सामने हैं। अखिलेश यादव के बँगला खाली करने से पहले उस बंगले में हुई तोड़फोड़ से जुड़े आरोपों पर जहां बुधवार को अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेंस कर इसे सरकार की साजिश बताया तो दूसरी ओर सरकार पर लगे आरोपों का जवाब देने प्रदेश सरकार के मंत्री और प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह सामने आये। उन्होंने अखिलेश की प्रेस कांफ्रेंस को ' खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे' वाली हरकत बताया।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि बंगला खाली करने का आदेश कोर्ट का था। सुप्रीम कोर्ट की इज्जत सबको करनी चाहिए। राज्य सम्पत्ति विभाग के अधिकारी वहां जा सकते हैं। उन्होंने पूछा कि आपने दीवार क्यों तोडी थी, यह जनता को बतायें। सिंह ने कहा कि गवर्नर साहब का लेटर आया है। जांच के बाद सारी चीजें सामने आ जायेगी। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि वे जो सवाल उठा रहे हैं, चीजों को घुमाने की जगह उसका सीधा जवाब देना चाहिए।
इनकम टैक्स करे जांच
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि वे सब कुछ छोड गये तो टोटी से क्यों परेशान हैं। वे हाथ में भी टोटी लेकर घूम रहे हैं। अखिलेश यादव की चुनौती के सवाल पर उन्होंने कहा कि एक खेल हमने खेला था 2017 में, उसमें वे बुरी तरह परास्त हो गये थे। अब उन्हें किसी और खेल को शौक है तो वे भी खेल लें, हम परास्त कर देंगे। उनकी भाषा संयमित होनी चाहिए थी। वे पूर्व मुख्मयंत्री रहे हैं। इनकम टैक्स को देखना चाहिए कि उनके पास इतना पैसा कहां से आया जिसे उन्होंने बंगले पर खर्च किया था।
Published on:
13 Jun 2018 03:50 pm
