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योगी आदित्यनाथ सरकार का सबसे बड़ा फैसला, नेताओं को दिया गिफ्ट, वापस होंगे 20 हजार मुकदमे

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के भी मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे...

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लखनऊ

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Nitin Srivastva

Dec 27, 2017

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योगी आदित्यनाथ सरकार का सबसे बड़ा फैसला, नेताओं को दिया गिफ्ट, वापस होंगे 20 हजार मुकदमे

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा फैसला लिया है। नए साल का गिफ्ट देते हुए प्रदेश सरकार ने राजनेताओं के खिलाफ दर्ज 20 हजार मुकदमे वापस लेने का ऐलान किया है। शासन ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को पत्र भी भेज दिया है। आपको बता दें कि सरकार के इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के भी मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे।

ये मुकदमे होंगे वापस

जानकारी के मुताबिक इस फैसले में नेताओं और जन प्रतिनिधियों पर दर्ज वैसे मुकदमों को सरकार ने वापस लिया है, जो उनपर आंदोलन और धरना प्रदर्शन के दौरान किए गए थे। सरकार ने ऐसे नेताओं और जन प्रतिनिधियों की लिस्ट तैयार की थी, जिन पर सालों से राजनैतिक चरित्र के मुकदमे दर्ज हैं और इनको बिना किसी वजह के अदालतों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

विधानसभी सत्र के दौरान सीएम योगी ने दिए थे संकेत

आपको बता दें कि इन नेताओं और जन प्रतिनिधियों पर से मुदकमे हटाने के संकेत सीएम योगी आदित्यनाथ ने तभी दे दिए थे, जब विधानसभा सत्र के दौरान सदन में यूपीकोका बिल पर बहस हो रही थी। उसके बाद से ही सरकार के इस फैसले के बारे में कयास लगने शुरू हो गए थे। जिस पर अब योगी सरकार ने अपनी फाइनल मुहर लगा दी है।

सरकार का दावा- सभी पार्टियों के नेताओं को मिलेगी राहत

सूबे की सरकार के इस फैसले की पूरा विपक्ष शुरू से ही खिलाफत कर रहा है। लेकिन योगी सरकार ने शुरू से ही दावे कर रही है कि ये 20 हजार मुकदमे सभी पार्टियों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों के ऊपर हैं। किसी भी पार्टी के ऐसे नेता जिन पर किसी धरना प्रदर्शन या आंदोलनों के समय मुकदमे किए गए थे और उसकी वजह से उन्हें आज कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सरकार उन सभी के मुकदमे वापस लेगी।

विपक्ष सरकार के फैसले का कर रहा है विरोध

दरअसल इस फैसले के पीछे उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का मानना है कि इन नेताओं को राहत देने से राजनीति और राजनीतिज्ञों की साफ छवि जनता के सामने आएगी। क्योंकि सरकार जिन मुकदमों को हटाने जा रही है वे मुकदमे सिर्फ राजनीतिक विरोध के चलते दायर किए गए थे। सरकार ने ये भी साफ किया है कि किसी भी नेता या जन प्रतिनिधि के गंभीर और आपराधिक केस के मुकदमे कतई वापस नहीं लिए जाएंगे। वहीं विपक्ष ये आरोप लगा रहा है कि सरकार अपने इस फैसले की आंड़ में अपने उन सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं के मुकदमे वापस ले लेगी, जिनकी वजह से कानून व्यवस्था खराब होती रही है। हम सरकार के इस फैसले का कतई समर्थन नहीं करेंगे। क्योंकि योगी सरकार के इस फैसले से प्रदेश की कानून व्यवस्था बिगड़ेगी।