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UP सरकार की बड़ी पहल, श्रमिकों की बेटियों के विवाह पर 85 हजार रुपये की मदद

UP Scheme: योगी सरकार श्रमिकों की बेटियों के विवाह के लिए 85 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देगी। सामूहिक विवाह योजना के तहत अतिरिक्त सुविधाएं भी दी जाएगी, आवेदन 27 मार्च तक किए जा सकते हैं।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Mar 21, 2026

श्रमिकों की बेटियों के विवाह में सहारा बनेगी सरकार: 85 हजार रुपये की आर्थिक मदद, सामूहिक विवाह का भी आयोजन (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

श्रमिकों की बेटियों के विवाह में सहारा बनेगी सरकार: 85 हजार रुपये की आर्थिक मदद, सामूहिक विवाह का भी आयोजन (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

UP Govt Kanya Vivah Yojana: उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिक वर्ग के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। इसी क्रम में अब प्रदेश की Yogi Adityanath सरकार ने श्रमिकों की बेटियों के विवाह के लिए बड़ी राहत देने वाली पहल की है। सरकार द्वारा ‘कन्या विवाह सहायता योजना’ के तहत पंजीकृत श्रमिकों की बेटियों को विवाह के लिए 85 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

यह सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और जरूरतमंद परिवारों को समय पर मदद मिल सके। इसके साथ ही सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन भी मंडल स्तर पर किया जाएगा, जिसमें प्रति जोड़े अतिरिक्त 15 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।

 85 हजार रुपये सीधे खाते में, 15 हजार सामूहिक विवाह पर खर्च

इस योजना के तहत सरकार द्वारा कुल 1 लाख रुपये प्रति जोड़े की व्यवस्था की गई है। इसमें से 85 हजार रुपये सीधे श्रमिक के बैंक खाते में भेजे जाएंगे, जबकि शेष 15 हजार रुपये सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन पर खर्च किए जाएंगे। सामूहिक विवाह में वर-वधू और उनके परिजनों के लिए भोजन, मंच, सजावट और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर विवाह का बोझ कम होगा और सामाजिक स्तर पर एक सकारात्मक संदेश भी जाएगा।

 पंजीकृत श्रमिकों को ही मिलेगा योजना का लाभ

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं श्रमिकों को मिलेगा, जो श्रम विभाग में पंजीकृत हैं। सहायक श्रम आयुक्त Vidya Prakash Sharma ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रमिक का पंजीकरण कम से कम एक वर्ष पुराना होना आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आवेदन स्वीकृत होने के बाद पात्र श्रमिक के खाते में 15 दिनों के भीतर सहायता राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।

27 मार्च तक कर सकते हैं आवेदन

योजना का लाभ लेने के इच्छुक पात्र श्रमिक 27 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए श्रम विभाग के निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना होगा। सरकार ने इस प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।

योजना की प्रमुख शर्तें

कन्या विवाह सहायता योजना का लाभ लेने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें निर्धारित की गई हैं:

श्रमिक का पंजीकरण श्रम विभाग में कम से कम एक वर्ष पुराना होना चाहिए
वधू की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष होनी चाहिए
योजना का लाभ एक श्रमिक की अधिकतम दो पुत्रियों को ही दिया जाएगा
आवेदन पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा

इन शर्तों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ सही और पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे।

सामूहिक विवाह से बढ़ेगा सामाजिक समरसता का भाव

सरकार द्वारा सामूहिक विवाह आयोजन का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि समाज में समरसता और समानता को बढ़ावा देना भी है। इस तरह के आयोजनों से जहां एक ओर खर्च में कमी आती है, वहीं दूसरी ओर समाज में आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना भी मजबूत होती है।

श्रमिक वर्ग के लिए सरकार की बड़ी पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना श्रमिक वर्ग के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी। अक्सर आर्थिक तंगी के कारण बेटियों के विवाह में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में यह आर्थिक सहायता उनके लिए सहारा बनेगी। सरकार की यह पहल सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर

योजना के तहत सहायता राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम होगी। इसके साथ ही सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि आवेदन स्वीकृत होने के बाद 15 दिनों के भीतर भुगतान कर दिया जाए, जिससे लाभार्थियों को समय पर सहायता मिल सके।