
भीषण गर्मी का असर (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
UP Weather: उत्तर प्रदेश में शुष्क मौसम और तेज पछुआ हवाओं के कारण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले एक सप्ताह के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे कई जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में पिछले सात दिनों के दौरान तापमान में तेजी से वृद्धि हुई है। शुष्क मौसम और लगातार चल रही गर्म पछुआ हवाओं ने तापमान को सामान्य से ऊपर पहुंचा दिया है। कई स्थानों पर अधिकतम तापमान 40°C से अधिक दर्ज किया गया, जो अप्रैल के इस समय के लिए असामान्य रूप से अधिक माना जा रहा है।
प्रदेश में लगातार सबसे अधिक गर्म रहने वाला जिला बांदा रहा। यहां अधिकतम तापमान 44.4°C दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है। बुंदेलखंड क्षेत्र के अन्य जिलों में भी इसी तरह की स्थिति बनी रही, जहां तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में प्रदेश में शुष्क पछुआ हवाएं चल रही हैं, जो तापमान को तेजी से बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। ये हवाएं नमी को कम करती हैं और वातावरण को अधिक गर्म बना देती हैं, जिससे दिन के समय तेज गर्मी का अहसास होता है।
मौसम विभाग ने बताया कि अगले 2-3 दिनों तक प्रदेश में कोई सक्रिय मौसम तंत्र नहीं रहेगा। इसका मतलब है कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। इस दौरान पछुआ हवाओं का प्रभाव जारी रहेगा और तापमान में हल्की बढ़ोतरी भी हो सकती है।
कर्नाटक और महाराष्ट्र के ऊपर बना प्रतिचक्रवात धीरे-धीरे मध्य भारत की ओर खिसक रहा है। इसका असर उत्तर प्रदेश के मौसम पर भी पड़ रहा है। इस प्रणाली के कारण गर्म और शुष्क हवाएं उत्तर की ओर बढ़ रही हैं, जिससे प्रदेश में तापमान में वृद्धि हो रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से हवाओं की दिशा में परिवर्तन होगा और आसमान में आंशिक बादल छा सकते हैं। इससे तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना है, हालांकि इससे किसी बड़ी राहत की उम्मीद नहीं है।
हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है, लेकिन प्रदेश में बारिश होने की कोई संभावना नहीं है। इसका मतलब है कि गर्मी का असर अभी बना रहेगा और लोगों को इससे जूझना पड़ेगा।
भीषण गर्मी का असर अब साफ तौर पर जनजीवन पर दिखने लगा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है और लोग जरूरी काम के अलावा घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, मजदूरों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की गर्मी में लू लगने, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप में निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है।
गर्मी के बढ़ते असर के साथ ही बिजली और पानी की मांग भी बढ़ गई है। कूलर, पंखे और एसी के अधिक उपयोग से बिजली खपत में इजाफा हुआ है। वहीं, पानी की खपत भी बढ़ने से कई इलाकों में आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
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Updated on:
16 Apr 2026, 7:31 PM IST
Published on:
16 Apr 2026, 7:31 PM IST
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