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नमाज पढ़ने को लेकर यूपी में उठा विवाद, मंत्री ने कहा- “ऐसे लोगों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए”, जानें पूरा मामला

अलीगढ़ में सड़क पर नमाज को लेकर विवाद बढ़ा। मंत्री रघुराज सिंह के बयान से सियासत गरमा गई। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर नमाज का विरोध किया और नियमों के पालन की बात कही। मामले में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं।

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लखनऊ

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Anurag Animesh

Mar 23, 2026

UP Minister Raghuraj Singh

UP Minister Raghuraj Singh(Image-X-@ThRaghurajSingh)

UP Minister Raghuraj Singh Statement: अलीगढ़ में सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर उठा विवाद अब सियासी रंग ले चुका है। इस पूरे मामले में उत्तर प्रदेश के मंत्री रघुराज सिंह का बयान सामने आया है, जिसने चर्चा को और तेज कर दिया है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक गलियारों में भी इसे लेकर बहस छिड़ गई है। मंत्री रघुराज सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि सड़क पर नमाज पढ़ना ठीक नहीं है। उनका मानना है कि धार्मिक गतिविधियां तय जगहों पर ही होनी चाहिए, न कि सार्वजनिक रास्तों पर। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर किसी को सड़क पर ही नमाज पढ़नी है तो वह पाकिस्तान रुख करे।

UP Minister Raghuraj Singh Statement: मंत्री ने क्या कहा?


उन्होंने अपने तर्क को मजबूत करने के लिए विदेश यात्राओं का हवाला भी दिया। मंत्री ने कहा कि उन्होंने कई अरब देशों का दौरा किया है, जहां लोग मस्जिदों के अंदर ही नमाज अदा करते हैं। अगर जगह कम पड़ जाए तो लोग घर जाकर नमाज पढ़ लेते हैं। उनके मुताबिक वहां इस तरह की व्यवस्था और अनुशासन देखने को मिलता है। रघुराज सिंह ने यह भी कहा कि भारत में सभी को अपने त्योहार मनाने की पूरी आजादी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा कर ले। उन्होंने जोर देकर कहा कि सड़क पर नमाज पढ़ना किसी का मौलिक अधिकार नहीं है और इस तरह के मामलों में नियमों का पालन जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने भी लिया संज्ञान


मंत्री के अनुसार, अलीगढ़ में पहले से ही सड़क पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह आम नागरिक हो या कोई अधिकारी। अपने बयान में उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश में रहना है तो संविधान के दायरे में रहकर ही काम करना होगा। किसी भी धर्म या त्योहार के नाम पर नियम तोड़ना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि हर मांग को मान लेना संभव नहीं है। इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री ने भी संज्ञान लिया है। अब प्रशासनिक स्तर पर जांच और कार्रवाई की बात कही जा रही है। देखना होगा कि आगे इस मुद्दे पर क्या कदम उठाए जाते हैं और विवाद किस दिशा में जाता है।