
200 करोड़ के जूट बोरे खरीदने को मंजूरी (AI Photo)
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में धान और मोटे अनाज की सरकारी खरीद को लेकर योगी सरकार ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। पिछले साल बोरों की कमी के कारण किसानों को हुई परेशानी को देखते हुए इस बार पहले ही व्यवस्था की जा रही है। सरकार ने खरीफ सीजन 2025-26 में धान खरीद और कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की आपूर्ति के लिए 40 हजार गांठ जूट के बोरे खरीदने को मंजूरी दी है। इसके लिए 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
पिछले खरीद सत्र में समय पर बोरों का ऑर्डर नहीं दिए जाने से पर्याप्त संख्या में बोरे उपलब्ध नहीं हो सके थे। इसका असर सरकारी खरीद व्यवस्था पर पड़ा और किसानों को भी परेशानी उठानी पड़ी। इसी को देखते हुए खाद्य एवं रसद विभाग ने इस बार काफी पहले से तैयारी शुरू कर दी है। शनिवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के माध्यम से बोरों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत धान और मोटे अनाज की खरीद के लिए जूट के बोरे उपलब्ध कराए जाएंगे।
सरकार ने जूट के बोरों की खरीद के लिए 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इस राशि से कुल 40 हजार गांठ जूट के बोरे खरीदे जाएंगे। विभाग का लक्ष्य है कि खरीद का काम समय रहते पूरा कर लिया जाए, ताकि धान खरीद के दौरान बोरों की कमी की स्थिति न बने। खाद्य एवं रसद विभाग इसी तैयारी में जुटा हुआ है। इस बार पहले से व्यवस्था होने से सरकारी खरीद केंद्रों पर किसानों को बोरों की कमी के कारण इंतजार न करना पड़े, इसकी कोशिश की जा रही है।
खरीफ सीजन में प्रदेश सरकार किसानों से धान की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर करती है। सरकारी खरीद के बाद धान राइस मिलों को दिया जाता है। मिलों में इससे कस्टम मिल्ड राइस यानी CMR तैयार किया जाता है। इसके बाद इस चावल की आपूर्ति भारत सरकार को की जाती है। इसके अलावा सरकार किसानों से मोटे अनाज की भी खरीद करती है। इन दोनों तरह की खरीद और CMR की आपूर्ति के लिए बड़ी संख्या में बोरों की जरूरत पड़ती है।
सरकार इस बार खरीद प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही जरूरी सामान की व्यवस्था करने पर जोर दे रही है। पिछले साल बोरों की कमी से बनी स्थिति को दोहराने से बचने के लिए खरीद का प्रस्ताव पहले ही तैयार किया गया। कैबिनेट बाई सर्कुलेशन से मंजूरी मिलने के बाद अब 40 हजार गांठ जूट के बोरे खरीदे जाएंगे। सरकार की इस तैयारी का मकसद धान खरीद के दौरान व्यवस्था को सुचारु रखना और किसानों को किसी तरह की परेशानी से बचाना है।
Updated on:
23 Aug 2026 12:28 pm
Published on:
23 Aug 2026 12:28 pm
