
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ.UP Panchayat Chunav. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण का मतदान कल 15 अप्रैल को है। उत्तर प्रदेश के 18 जिलों में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। पहले चरण का मतदान जिन जिलों में होना है, मंगलवार की शाम को वहां चुनाव प्रचार का शोर थम गया था। चुनाव आयोग ने पहले चरण के मतदान के लिए सभी सुरक्षा पुख्ता इंतजाम कर लिये हैं। साथ ही कोरोना से बचाव के लिए मतदान सेंटर्स पर कोविड-19 प्रोटोकाल का सख्ती से पालन कराया जाएगा। सभी बूथों पर सैनेटाइजर और मास्क की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा दो गज की दूरी के लिए बूथों पर सर्किल बनाए गये हैं। राज्य चुनाव आयोग ने कहा है कि वोटिंग में कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया जाएगा।
पंचायत चुनाव के पहले चरण में 18 जिला पंचायतों के 779 वार्डों में 11,749 उम्मीदवार, क्षेत्र पंचायतों के 19,313 वार्डों में 71,418 उम्मीदवार, 14,789 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के लिए 108562 और 1,86,583 ग्राम पंचायत वार्डों में 107283 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। कुल करीब तीन लाख प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
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इन जिलों में पहले चरण का मतदान
अयोध्या, आगरा, कानपुर नगर, गाजियाबाद, गोरखपुर, जौनपुर, झांसी, प्रयागराज, बरेली, भदोही, महोबा, रामपुर, रायबरेली, श्रावस्ती, संतकबीर नगर, सहारनपुर, हरदोई और हाथरस जिलों में चुनाव होगा।
चार चरणों में पंचायत चुनाव
यूपी के सभी 75 जिलों में चार चरणों में पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। 15 को मतदान का पहला चरण है। 19 अप्रैल को दूसरे, 26 अप्रैल को तीसरे और 29 अप्रैल को चौथे व अंतिम चरण में मतदान होगा। खास बात यह है कि इस बार एक जिले में एक ही चरण में मतदान संपन्न होंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा है कि प्रत्येक जिले के सभी विकासखंडों में एक ही चरण में चुनाव कराये जाएं। लेकिन, किसी मंडल में जिलों की संख्या चार से अधिक हैं तो वहां किसी एक चरण में दो जिलों में एक साथ चुनाव कराया जाएगा
चार रंग के होंगे बैलेट पेपर
इस बार जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान के लिए मतदाताओं को अलग-अलग वोट नहीं डालने होंगे, बल्कि मतदाताओं को चारों मतपत्र एक ही मतपेटी में डालने की सुविधा मिलेगा। मतदाताओं की सुविधा के लिए अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग रंग के बैलेट पेपर होंगे। जैसे- लाल, हरा, नीला और सफेद।
सभी दलों ने झोंकी ताकत
प्रदेश के सभी छोटे-बड़े राजनीतिक दल पंचायत चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टियां पंचायत चुनावों को 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल की तरह देख रही हैं। क्योंकि विधानसभा चुनाव अब एक वर्ष से भी कम वक्त बचा है। ऐसे में पंचायत चुनाव के नतीजों को 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले यूपी की जनता के मूड का संकेत देने वाला माना जा रहा है।
Updated on:
14 Apr 2021 05:07 pm
Published on:
14 Apr 2021 05:05 pm
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