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यूपी पुलिस एसोसिएशन की सीएम योगी को चुनौती, कहा विवेक तिवारी के हत्यारे पर मुकदमा लिया जाए वापस, वरना…

अभी तक विवेक तिवारी हत्याकांड में दोषी प्रशांत को छुड़ाने के लिए सिर्फ चंदा इकट्ठा किया जा रहा था, लेकिन अब तो यूपी पुलिस ने सार्वजनिक तौर पर योगी सरकार को लिखित चुनौती देे दी है।
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लखनऊ

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Abhishek Gupta

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Updated: 3 Oct 2018, 10:12 PM IST

CM yogi

CM yogi

लखनऊ. अभी तक विवेक तिवारी हत्याकांड में दोषी प्रशांत को समर्थन में सिर्फ चंदा इकट्ठा किया जा रहा था, लेकिन अब तो सार्वजनिक तौर पर योगी सरकार को लिखित चुनौती दी जा रही है। अराजपत्रित पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा सीएम योगी को लिखे गए पत्र में एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजेश सिंह यादव ने विवेक हत्याकांड में दोषी प्रशांत व संदीप की पैरवी करते हुए वहीं बातें दोहराई जो पूर्व में प्रशांत अपने बचाव में कह रहा था।

मृत पुलिसवालों के परिजनों को दीए जाए 40 लाख रुपए-

अध्यक्ष बृजेश सिंह यादव ने कहा कि है कि प्रशांत को विवेक द्वारा गाड़ी से मारने की कोशिश की गई थी, जिसके बाद अपने डिफेंस में सिपाही ने गोली चलाई थी, जिससे विवेक की मौत हो गई है। योगी सरकार से नाराजगी जताते कहा कि इस घटना के बाद विवेक के परिवार को 40 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया व सरकारी नौकरी का आश्वासन दिया गया। उन्होंने आगे यह भी कहा कि विवेक तिवारी जैसे ऐसे कई लोगों ने ड्यूटी पर तैनात कई पुलिसकर्मियों को सड़क पर रौंदा है, लेकिन उन्हें ऐसा कोई आश्वासन नहीं दिया। वहीं कई पुलिसकर्मियों ने अन्याय अत्याचार, शोषण से परेशान होकर आत्महत्या की है, उनके लिए भी कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया। न कोई मुआवजा दिया और न ही उनके परिवार में किसी को नौकरी।

प्रशांत के खिलाफ मुकदमा हो वापस, अन्यथा होगा आंदोलन-

एसोसिएशन के अध्यक्ष ने आगे कहा कि हमारी मांग है कि उन कर्मचारियों के परिवार को भी सरकार 40-40 लाख रुपए दे व परिजनों को सरकारी नौकरी दिलाएं। इसी के साथ ही प्रशांत चौधरी की तरहीर पर भी मुकदमा लिखा जाए। जब विवेक तिवारी के परिजनों को 40 लाख रुपए व नौकरी दी जा चुकी है, तो प्रशांत के खिलाफ मुकदमा वापस लिया जाए। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो 11 अक्टूबर को रक्षक कल्याण ट्रस्ट अराजपत्रित वेलफेयर एसोसिएशन के सभी कर्मी मेस का त्याग कर भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। वहीं इसके बाद भी विचार नहीं किया गया तो आंदोलन होगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी सीएम योगी की होगी।

अब देखना है योगी सरकार इसपर क्या करती है।