
लखनऊ.यूपी पुलिस के मुखिया सूबे के सभी थानों की अब 24 घंटे निगराने करेंगे। खाकी वर्दी की हरकतों पर अंकूश लगाने के लिए सभी थानों को सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। जल्द ही सभी थाने इस सिस्टम से जुड़ जाएंगे। हर थाने पर निगाह रखने के लिए डीजीपी मुख्यालय में एक सेल बनाई गई है, जो थानों की रिपोर्ट डीजीपी को देगी। अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए डीजीपी ने सभी थानों को सख्त निर्देश दिए हैं। सूबे के सभी थाने अब 24 घंटें की निगरानी पर रहेंगे। थाना के एसओ और उनके सिपाहियों की क्या गतिविधियां हैं इस पर डीजीपी नजर रखेंगे। डीजीपी ओपी सिंह ने थानों में लगे सीसीटीवी के संबंध में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को दिशा निर्देश जारी किए हैं।
डीजीपी ओपी सिंह थानों की क्रिया कलापों को लेकर काफी सख्त हैं। पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के अनुसार प्रभारी थानाध्यक्ष प्रतिदिन अपने थाने के मालखाने का भौतिक सत्यापन करेगा और साथ ही सीसीटीवी को भी चेक करेगा। अगर उसमें किसी तरह की कोई खराबी है तो उसके बारे में तल्काल लिखित सूचना देगा। यही नहीं उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि जिले के सभी पुलिस अधिकारी अधिक से अधिक थानों में आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे थानों के क्रिया कलाप के बारे में तो जानकारी लेंगे ही साथ ही सीसीटीवी ठीक से कार्य कर रहे हैं या नहींं इसकी भी जानकारी करेंगे। साथ की थाना प्रभारी यह सुनिश्वित करेंगे कि जिस तरह टेस्ट एफआईआर होती है, उसी तरह जब भी सीएम से लेकर विभिन्न स्तर तक के सक्षम कार्यालयों के उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देश के क्रम में कोई व्यक्ति रिपोर्ट दर्ज कराने थाने में जाता है तो थाने में नियुक्त अधिकारी /कर्मचारी द्वारा उसके साथ अच्छा व्यवहार किया जाए।
अब 1048 थानों में लग चुके हैं
सूबे के 1525 थानों में इंट्री प्वाइंट और आफिस में सीसीटीवी लगाए जाने के लिए शासन द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई थी। पहले चरण में 262 और दूसरे चरण में ***** सहित कुल 1048 थानों में अब तक सीसीटीवी लग चुके हैं। तीसरे चरण में 477 थानों में सीसीटीवी इंस्टॉल किया जा रहा है।
शिकायत पर होगी कार्यवही
अगर इस संबंध में थाना कर्मी की कोई शिकायत आती है तो सीसीटीवी फुटेज निकाल कर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही की जाए। डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि किसी भी थाने के सीसीटीवी कैमरा खराब होने की सूचना मिलते ही नोडल अधिकारी की यह जिम्मेदारी होगी कि वह इसे तत्काल ठीक कराए। नोडल अधिकारी यह भी देखे कि डीवीआर सुरक्षित स्थान पर रखा है या नहीं। रिकार्डिंग ठीक तरह से हो रही है या नहीं। यही नहीं सीसीटीवी में लगातार बिजली सप्लाई जारी है या नहीं। ये सभी उसे देखना होगा और तत्काल समस्या का समाधान कराना होगा।
हर माह भेजी जाए सूचना
डीजपी ने कहा कि प्रभारी जनपद द्वारा सीसीटीवी की रिकार्डिंग की सूचना जोनल कार्यालय को हर माह भेजी जाए। सीनियर अफसर सामान्य/ आकस्मिक निरीक्षण के दौरान पिछली रिकार्डिंग जो डीवीआर में सुरक्षित है, उसे विशेष तौर पर चेक करें। साथ ही चेकिंग रजिस्टर में इस बात का स्पष्ट उल्लेख करें किया जाए कि कोई अवांछनीय गतिविधि तो नहीं रिकार्ड नहीं हुई है। यदि कोई अवांछनीय गतिविधि अनाधिकृत रूप से रिकार्ड में पाई जाती है तो उसको पैन ड्राइव में लेकर रखा जाए और उस पर कार्यवाही के लिए अलग से उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट प्रेषित की जाए। यदि रिकार्डिंग में सभी चीजें सामान्य पाई जाती है तो उसका भी स्पष्ट तौर पर उल्लेख किया जाए।
Published on:
16 Mar 2018 03:02 pm
