
UP Policeman beaten
ललितपुर. यूपी में पुलिस की लापरवाही कभी-कभी तो इस हद तक बढ़ जाती है कि पीड़ित परिवार के साथ-साथ आम लोग भी पुलिस से परेशान होकर कानून अपने हाथों में लेने के लिए मजबूर होना पड़ जाता है। तब उन्हें देख कर ऐसा लगता है कि शायद कभी तो क्रांति आएगी ऐसा ही एक मामला जनपद ललितपुर के थाना जाखलौन के स्थानीय कस्बे में सामने आया है। जहां गांव के ही कुछ दबंगों ने मिलकर एक हरिजन युवक की पिटाई कर उसके रुपए छीनने की कोशिश की। जब इस बात की शिकायत पीड़ित परिजनों ने पुलिस से की तो पुलिस ने उनकी तहरीर के आधार पर मारपीट की घटना को महज एनसीआर मैं दर्ज कर इति श्री कर ली। जिस पर ग्रामीणों में उबाल आ गया और उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर सड़क को जाम कर दिया और पुलिस की ज्यादती को देखते हुए पुलिस की जूते चप्पलों से पिटाई कर दी।
यह है पूरा मामला
दीपावली व त्यौहार के चलते थाना जाखलौन के स्थानीय कस्बे में लोग सड़क के किनारे दुकाने लगाकर दीपावली की पूजा से संबंधित और त्यौहार से संबंधित अपना सामान बेच रहे थे। ऐसा ही एक बहुत छोटा व्यक्ति निवासी गणेशपुरा अनिल अहिरवार इसी भरे बाजार में गुब्बारे बेचने का काम कर रहा था। वह गुब्बारा बेच कर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। गांव के ही दबंग जिन्हें पुलिस का संरक्षण प्राप्त है, कैलाश, रजक और बबलू दोनों लोगों ने अनिल के साथ मारपीट कर उसकी दिन भर की मेहनत की कमाई छीनने की कोशिश की और जब उसने पैसा देने से इंकार कर दिया। तो दोनों लोगों ने मिलकर उसकी लात घूसों से जमकर धुनाई कर दी। इस मारपीट में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी पिटाई देख जब लोग मौके पर एकत्रित होने लगे तो वह दबंग उसे बेहोशी की हालत में छोड़कर मौके से भाग गए। तभी उसके परिवार वालों ने थाने में जाकर थाना जाखलौन पुलिस को एक तहरीर देकर पूरे मामले से अवगत कराया। थाना जाखलौन पुलिस ने तहरीर के आधार पर दबंग आरोपियों के खिलाफ पूरा मामला महज एनसीआर में दर्ज कर लिया और पीड़ित परिवार को थाने से गाली गलौज कर चलता कर दिया। यह मामला विगत दिवस देर शाम का है। उसके बाद सुबह जब वह ग्रामीण पुनः थाने वापस आए और उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की तो पुलिस थाने के दरोगा और सिपाहियों ने ग्रामीणों के साथ अभद्रता का व्यवहार किया। जिस पर नाराज ग्रामीणों ने थाना जाखलौन के स्थानीय कस्बे की मुख्य सड़क को जाम में तब्दील कर दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
इस बात की सूचना जब थाना जाखलौन पुलिस को मिली तो थाना जाखलौन पुलिस के पुलिसकर्मियों ने आकर ग्रामीणों के साथ फिर से अभद्रता की और जाम खुलवाने की कोशिश करने लगे और इसी बात को लेकर पुलिस कर्मचारियों ने ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज किया। यह बात ग्रामीणों को तथा उनकी महिलाओं को बर्दाश्त नहीं हुई और ग्रामीण महिलाओं ने पुलिस कर्मचारियों की चप्पलों से पिटाई कर दी तथा कुछ व्यक्तियों ने थाने पर हमला बोल दिया।
ग्रामीण महिलाओं के कोप का शिकार हुए पुलिस कर्मी
दीपावली के शुभ अवसर पर लोग शांति की कामना करते हैं मगर यहां मामला कुछ उल्टा ही नजर आया। जब ग्रामीण सड़क पर जाम लगाये हुए थे तब थाना जाखलौन पुलिस के सिपाही ग्रामीणों से अभद्रता कर जाम खुलवाने की कोशिश कर रहे थे और उनके साथ गाली-गलौज भी कर रही थे। जिस पर आक्रोशित ग्रामीण महिलाओं ने वहां उपस्थित पुलिस कर्मचारियों को जूते चप्पलों से पीटना शुरू कर दिया। जिसे देख कर कुछ साथी पुलिस कर्मचारियों ने भागना शुरू कर दिया। बस फिर क्या था ग्रामीणों ने सभी पुलिस कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ाकर खूब मारा।
आला अधिकारी तत्काल पहुंचे मौके पर
थाना जाखलौन के स्थानीय कस्बे में हो रहे बवाल की सूचना जिला मुख्यालय पर आई, तो आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जिले के आला अधिकारी पुलिस अधीक्षक सलमान ताज पाटिल अपर पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार विजेता क्षेत्राधिकारी सदर हिमांशु गौरव भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को समझाने की। बिगड़े माहौल को शांत करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। मगर आला अधिकारियों की मध्यस्थता से ग्रामीणों का क्रोध शांत हुआ तब कहीं जाकर अधिकारियों ने चैन की सांस ली।
थाना जाखलौन दरोगा की कार्यप्रणाली रही सन्दिग्ध
थाना जाखलौन पुलिस की कार्यप्रणाली हमेशा सन्देह के घेरे में रही है। क्योंकि अगर गंभीर घायल व्यक्ति की तहरीर पर मामला पुलिस संगीन धाराओं में दर्ज कर दबंगों की गिरफ्तारी कर लेती, तो शायद यह विवाद उत्पन्न नहीं होता। मगर दबंगों की सांठगांठ पुलिस के साथ होने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि यह दबंग पुलिस का मुखबिर भी है और इसीलिए यह पुलिस के साथ मिलकर चोरी मारपीट लूटपाट जैसी वारदातों को अंजाम देता रहता है और पुलिस मूकदर्शक बनी देखती रहती है। पुलिस दबंग के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करती इसलिए इसके हौसले हमेशा बुलन्द रहते है। यह हमेशा गरीबों को सताता रहता है। मगर ग्रामीणों का आक्रोश फुटकर सड़कों पर आ गया जिसका खामियाजा थाना जाखलौन पुलिस ने उठाया है।
थाने पर पथराव कर की तोड़फोड़
आक्रोशित ग्रामीणों ने जहां पुलिस की चप्पलों से पिटाई की वही थाने पर जाकर पथराव भी किया और थाने के अंदर जाकर टेबल कुर्सियां तोड़ दी एवम कागजातों को नुकसान पहुचाया।
इनका कहना है
इस पूरे प्रकरण को लेकर जब क्षेत्राधिकारी हिमांशु गौरव से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने एनसीआर पहले ही दर्ज कर ली थी। मगर ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए थे। यह बबाल किसी का रचा हुआ खेल है, जिसका पता लगाया जा रहा है और व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
20 Oct 2017 12:07 pm
Published on:
20 Oct 2017 12:01 pm
