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‘गठबंधन’ को लेकर ओपी राजभर का मायावती को खुला ऑफर! साथ आ जाए, तो जीत जाएंगे पूरा पूर्वांचल

यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दलित और पिछड़े वर्ग को एकजुट करने पर जोर देते हुए मायावती को खुला ऑफर दिया।

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लखनऊ

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Anuj Singh

Apr 03, 2026

क्या यूपी में बन रहा है नया ‘सुपर गठबंधन’?

क्या यूपी में बन रहा है नया ‘सुपर गठबंधन’?

UP Politics: यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बसपा और मायावती को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। राजभर अक्सर अपने विवादित बयानों की वजह से चर्चा में रहते हैं। उनका यह नया बयान 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ गया है। ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर को सबसे ज्यादा लोग मानते हैं। चाहे कोई किसी भी पार्टी में क्यों न हो, असल में सब काशीराम जी के चेले हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सही गठबंधन की बात करें, तो उत्तर प्रदेश में पिछड़ी जाति और राजभर का गठबंधन सबसे मजबूत है। अगर यह गठबंधन हो जाए तो पूर्वांचल में किसी की जीतने की हिम्मत नहीं रहेगी। राजभर ने मायावती (बहन जी) से कई बार कहा कि अगर सच्चा गठबंधन करना है, तो यही सबसे अच्छा है।

पूर्वांचल पर जोर

राजभर ने बताया कि पूर्वांचल में अगर पिछड़ी जाति-राजभर गठबंधन को टिकट दे दिया जाए तो बाजा बज जाएगा। मतलब सारी सीटें आसानी से जीत ली जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि देख भाई, हम बात कहीं न खरा, गोली चले या छर्रा। हम विधानसभा के अंदर भी सच्ची बात बोलते हैं तो लोग घबरा जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम भी दुखी हैं और बहन जी भी दुखी हैं। फिर उन्होंने खुद को 'बहुत बेहया नेता' कहकर मजाकिया अंदाज में अपनी बात रखी।

राजनीतिक मायने

यह बयान ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। राजभर वर्तमान में योगी सरकार में मंत्री हैं और सुभासपा (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी) के अध्यक्ष हैं। राजभर अक्सर पिछड़े और दलित वोटों पर जोर देते रहते हैं। उनका कहना है कि अगर ये दोनों समुदाय साथ आएं तो पूर्वांचल में कोई मुकाबला नहीं कर सकता। इस बयान ने सियासी गलियारों में खूब चर्चा पैदा कर दी है। कई नेता और विश्लेषक इसे 2027 चुनाव के लिए नए समीकरण की तैयारी मान रहे हैं। कुछ लोग इसे राजभर की अपनी ताकत बढ़ाने की रणनीति भी बता रहे हैं। राजभर का बयान साफ दिखाता है कि वे दलित और राजभर समुदाय को एकजुट करने पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने अंबेडकर और काशीराम जी की याद दिलाकर भावनात्मक अपील भी की है।