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‘नकली नोट कांड’ पर सपा का पलटवार, भाजपा विधायक की फोटो से उठे सियासी सवाल, पूछताछ की उठी मांग

नकली नोट मामले को लेकर समाजवादी पार्टी ने भाजपा पर पलटवार किया है। सपा ने भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी के साथ आरोपियों की तस्वीर साझा कर सवाल उठाए हैं।

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लखनऊ

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Anuj Singh

Apr 02, 2026

भाजपा MLA पर सपा ने उठाए बड़े सवाल

भाजपा MLA पर सपा ने उठाए बड़े सवाल Source- @mediacellsp

UP Politics: समाजवादी पार्टी ने नकली नोट के मामले को लेकर भाजपा पर जोरदार पलटवार किया है। सपा ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें देवरिया के भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी के साथ कुछ युवकों की तस्वीर है। इस पोस्ट को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी रिपोस्ट किया। सपा का आरोप है कि ये युवक नकली नोट मामले में गिरफ्तार हुए हैं, लेकिन भाजपा इन्हें सपा से जोड़कर राजनीति कर रही है।

पोस्ट में क्या लिखा?

सपा ने फोटो के साथ लिखा कि देवरिया के विधायक शलभ मणि त्रिपाठी के साथ उन लड़कों की तस्वीर सामने आई है। ये वही लड़के हैं जिन्हें आज नकली नोट मामले में सपा का बताकर भाजपा और भाजपा सरकार का प्रशासन तथा भाजपा नेता चीख-पुकार मचा रहे हैं। सपा ने सवाल उठाए किभाजपा नेता बताएंगे कि ये लड़के शलभ मणि त्रिपाठी के लिए क्या काम करते हैं?, क्या शलभ मणि त्रिपाठी से भी नकली नोट मामले में पूछताछ होगी?

सपा का दावा

सपा का कहना है कि भाजपा और उसकी सरकार वाले प्रशासन ने जानबूझकर इन युवकों को सपा से जोड़कर बदनाम करने की कोशिश की। जबकि असल में ये युवक भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी से जुड़े हुए हैं। अखिलेश यादव के रिपोस्ट करने से यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। यह पूरा विवाद नकली नोट छापने के एक मामले से जुड़ा है। पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। भाजपा पक्ष इन युवकों को सपा कार्यकर्ता या नेता बताकर हमला बोल रहा था। लेकिन सपा ने अब तस्वीरें शेयर करके पलटवार किया और दावा किया कि ये लोग देवरिया के भाजपा विधायक के करीबी हैं। सपा पूछ रही है कि अगर सच्चाई यही है तो फिर शलभ मणि त्रिपाठी से पूछताछ क्यों नहीं हो रही?

दोनों पार्टियों में तनाव

इस मुद्दे पर भाजपा और सपा के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। सपा इसे भाजपा की साजिश बता रही है, जबकि भाजपा पहले इस मामले में सपा पर आरोप लगा चुकी है।अब सपा चाहती है कि सच्चाई सामने आए और दोषी पक्ष पर कार्रवाई हो। यह घटना उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिर से सपा-भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू कर रही है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर राजनीतिक फायदे के लिए मामले को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगा रही हैं।