ऑक्‍सीजन की कमी से मौत को हाईकोर्ट ने बताया नरसंहार; यूपी में 24 घंटों के दौरान 352 मरीजों की कोरोना से मौत

यूपी की अब तक की बड़ी खबरें।

लखनऊ. पत्रिका उत्तर प्रदेश का सभी पाठकों को सुबह सुबह का नमस्कार। आप सभी स्वस्थ्य रहें। खुश रहें। आपका दिन शुभ हो। दिन की शुरुआत से पहले आइए जान लेते हैं यूपी की आज की प्रमुख खबरें।

 

UP कोरोना अपडेट : 24 घंटे में 25858 नए मामले सामने आए, 352 मरीजों की मौत हुई

उत्तर प्रदेश में कोरोना के आधिकारिक आंकड़े जारी कर दिए। इस आंकड़े के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में मंगलवार को बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के कुल 25858 नए मामले आए हैं। राजधानी लखनऊ के लिए यह बहुत राहत की बात है कि यहां पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के महज 2407 नए मरीज ही मिले, जबकि 5079 मरीज कोरोना मुक्त होकर अपने घर लौटे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक पूरे यूपी में कुल 38 हजार 683 मरीजों ने कोरोना को हराया और पिछले 24 घंटे में यूपी में 352 मरीजों की जान संक्रमण ने ले ली। इन आंकड़ों में बताया गया है कि नोयडा, गाजियाबाद और छोटे जिलों में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है।

 

ऑक्‍सीजन की कमी से लोगों की मौत पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्‍त ट‍िप्‍पणी, कहा- यह नरसंहार से कम नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अस्पतालों को ऑक्सीजन की आपूर्ति न होने से कोविड-19 मरीजों की मौत पर एक सख्त टिप्पणी करते हुए इसे आपराधिक कृत्य करार देते हुए कहा कि यह उन अधिकारियों द्वारा 'नरसंहार से कम नहीं' जिन्हें इसकी सतत आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अदालत ने यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उन खबरों पर दी जिनके मुताबिक, ऑक्सीजन की कमी के कारण लखनऊ और मेरठ जिले में कोविड-19 मरीजों की जान गई। अदालत ने लखनऊ और मेरठ के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इनकी 48 घंटों के भीतर तथ्यात्मक जांच करें। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजित कुमार की पीठ ने राज्य में संक्रमण के प्रसार और पृथक-वास केन्द्र की स्थिति संबंधी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।

 

अस्पताल में कोरोना मरीजों की मौत के बाद उड़ा लेते थे उनके फोन, दो कर्मचारी गिरफ्तार

कोरोना महामारी (Covid 19 Pandemic) से हो रही मौतों के बीच उत्तर प्रदेश के बाराबंकी (Barabanki) में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां कोरोना मरीजों (Corona Patients) की मौत के बाद उनके मोबाइल फोन (Mobile Phone) पर हाथ साफ करने वाले शातिरों का पर्दाफाश हुआ है। मोबाइल चोरी कोई और नहीं बल्कि अस्पताल के कर्मचारी ही करते थे। दरअसल इलाज के दौरान मरीज अपने फोन की बैट्री चार्ज करने के लिए अस्पताल कर्मचारियों को दे देते थे। फोन चार्ज होने के बाद कर्मचारी उसे मरीजों को वापस दे देते थे, लेकिन इस दौरान यदि किसी मरीज की कोरोना से मौत हो जाती तो अस्पताल के कर्मचारी उनके मोबाइल पर हाथ साफ कर देते थे।

 

झांसी: कोरोना पॉजिटिव पत्नी के लिए इस्तीफा देने वाले डिप्टी एसपी का यू-टर्न

कोरोना संक्रमित (Corona Positive) पत्नी की देखभाल के लिए छुट्टी न मिलने पर इस्तीफा देने वाले सीओ सदर मनीष चन्द्र सोनकर (CO Manish Chandra Sonkar) को आखिरकार समझा ही लिया गया। जिसके बाद सीओ मनीष सोनकर ने मंगलवार को अपना इस्तीफा वापस ले लिया। डिप्टी एसपी मनीष सोनकर ने इसकी पुष्टि करते हुए अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा है कि ‘झांसी रेंज के डीआईजी जोगेंद्र कुमार ने उनसे फोन पर बात कर परिवार की स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने परिस्थितियों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों में मुझे छुट्टी मिलनी चाहिए थी। डीआईजी रेंज झांसी से हुई वार्ता से संतुष्ट हूं।

 

जेल में बंद आईपीएस अफसर अरविंद सेन की मृतक पत्नी प्रियंका सेन चुनाव हारीं, मतदान के बाद हुआ था निधन

रामनगरी अयोध्या (Ayodhya) में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने अपना परचम लहरा दिया है तो वहीं जेल में बंद आईपीएस अफसर अरविंद सेन यादव (IPS Arvind Sen Yadav) की पत्नी स्वर्गीय प्रियंका सेन यादव चुनाव हार गईं। निर्दलीय प्रत्याशी आशा देवी ने उन्हें 5578 वोटों से हराया। प्रियंका सेन यादव समाजवादी पार्टी समर्थित प्रत्याशी थीं और वे हैरिंग्टनगंज तृतीय से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ी थीं। मतदान के एक हफ्ते बाद सांस लेने में तकलीफ की शिकायत पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई।

 

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नितिन श्रीवास्तव
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