
अवैध बसेरा
Urban Slums: प्रदेश सरकार शहरों में सार्वजनिक भूमि पर अवैध तौर पर रह रहे लोगों का सर्वेक्षण का काम शुरू कर रही है। जिसके लिए नगर विकास, विकास प्राधिकरण सहित पुलिस विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। अब ये विभाग मिलकर अभियान चलाएंगे और इन झुग्गी-झोपडिय़ों में रहने वालों की पहचान सुनिश्चित करेंगे।
हांलाकि इस सर्वे का मूल उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान करना है जो प्रधानमंत्री आवास के पात्र होंगे। लेकिन सरकार की कोशिश इन स्थानों पर छिपे असामाजिक तत्वों की पहचान के साथ प्रदेश के बाहर के लोगों को चिंहित करना है। इसमें बाग्ला देशियों और रोहिग्याओं की भी पहचान की जाएगी।
सीएम योगी ने दिया आदेश
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ बैठक करके पायलट प्रोजेक्ट के रुप में इसे कार्य को शुरू करने का आदेश दिया है। सर्वेक्षण कार्य की शुरूआत लखनऊ से की जाएगी उसके बाद प्रदेश के प्रमुख शहरों में इसे चालू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि लखनऊ में गोमती के किनारे अवैध रुप से रहने वालों की पहचान की जाए खास तौर पर उनको ङ्क्षचहिंत किया जाए जिनको किसी योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया गया है इसके बावजूद वे अवैध कब्जा करके रह रहे हैं।
बाहरी लोगों की बनेगी सूची
सरकार ने तय किया है कि प्रदेश में बाहरी लोगों की सूची बनाई जाए जो यहां पर अवैध तरीके से आवास बनाकर रह रहे हैं। ऐसे लोगों की लिस्ट तैयार कर उनसे जमीन को खाली कराया जाएगा और उनको वापस भेजने पर विचार किया जा सकता है।
ऐसे अवैध बस्तियों में आम तौर पर असामाजिक तत्व छिपे होते हैं जो आम लोगों के साथ छिनाझपटी चोरी आदि संबंधित अपराधों को अंजाम देते हैं। इसलिए सरकार ने जिलाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपते हुए एक-एक व्यक्ति का डाटा तैयार करने का आदेश दिया है।
Published on:
01 Jun 2023 02:34 pm
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