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यूपी की राजनीति में अब 'टोपियों' की अहमियत और बढ़ रही है। पीएम मोदी के भगवा टोपी पहनने के बाद बीते भाजपा स्थापना दिवस समारोह में ढेर सारे नेताओं को टोपी पहने देखा गया। अब अधिकतर भाजपा विधायकों सामान्य भगवा 'गमछा' छोड़ भगवा टोपी पहने देखे गए थे। टोपी पहनने की प्रवृत्ति उत्तर प्रदेश तेजी से बढ़ रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कहा जाता है डिजाइन की गई 'टोपी' को मंजूरी मिलने से पहले कई बार समीक्षा की गई है। इन फैशनेबल टोपी पर पतली कढ़ाई संग प्लास्टिक का 'लोटस' पिन किया गया है। कमल पार्टी का चुनाव चिन्ह है। सूत्रों ने कहा है, पार्टी ने अपने सभी सांसदों और वरिष्ठ नेताओं को सार्वजनिक रूप से टोपी पहनने का निर्देश दिया है। अब वह दिन दूर नहीं जब भगवा रंग की टोपी आने वाले दिनों में भाजपा कार्यकतार्ओं की पहचान बनेगी।
विधानसभा चुनाव में चर्चा में आई टोपी
विधानसभा चुनाव 2022 में टोपी अचानक चर्चा का विषय बन गया। जब भाजपा नेताओं ने समाजवादी पार्टी के नेताओं की पहनी जाने वाली लाल टोपी पर निशाना साधा और चुनावी सभाओं के दौरान कहा कि, लाल का मतलब खतरा है। लाल टोपी को विरोध देख, सपा ने प्रतिक्रिया स्वरूप हर आयोजन में लाल टोपी पहनना शुरू कर दिया।
टोपी का रंग बताता है पार्टी का
राजनीतिक समारोहों में भगवा और लाल रंग की टोपी को देखकर अन्य पार्टी के नेताओं में भी अपनी पार्टी की टोपी पहनने का प्रेम जग गया। और अन्य पार्टी के नेताओं ने भी टोपी पहनना शुरू कर दिया है। कांग्रेस नेता विधानसभा और सार्वजनिक समारोहों में सफेद टोपी पहनते हैं, जबकि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायकों को पीली टोपी पहने देखा जा सकता है। बसपा नेताओं की गहरी नीली टोपी है जबकि अपना दल के नेता नीली और लाल टोपी पहनते हैं।
टोपी में रोजगार का अवसर
अब जैसे-जैसे टोपियों की डिमांड बढ़ रही है। वैसे ही उद्यमियों के लिए एक अवसर लेकर आ रही है। ऋचा दत्ता का कहना है, राजनेताओं द्वारा पहनी जाने वाली अधिकांश टोपियां उमस भरे मौसम में नीचे गिर जाती हैं। हम अच्छी सामग्री का उपयोग करके टोपियां बनाएंगे। मुझे विश्वास है कि अगले कुछ महीनों में, आपको अधिकांश राजनेता मिल जाएंगे टोपी पहने हुए हैं। हम पहले से ही विभिन्न दलों के साथ बातचीत कर रहे हैं और पार्टी कार्यालयों के पास स्टाल लगाएंगे।
ऋचा ने उनके डिजाइन की जाने वाली टोपी बनाने के लिए एक महिला स्वयं सहायता समूह को शामिल किया है।
Published on:
13 Jun 2022 05:46 pm
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