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यूपी में गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन होगा आसान, RTO ऑफिस जाने की टेंशन खत्म, डीलर के डिजिटल साइन से होगा काम आसान

गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन के लिये आरटीओ ऑफिस का चक्कर लगाने का झंझट खत्म अब डीलर करेगा एक डिजिटल साइन और हो जाएगा गाड़ी का रजिस्ट्रेशन यूपी में इसी माह लागू होगा डीलर प्वाइंट योजना, बाराबंकी में हो रहा ट्रायल

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vehicle registration in UP

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में गाड़ी खरीदने के बाद उसके रजिस्ट्रेशन में आने वाली परेशानियों से अब निजात मिल जाएगी। गाड़ी रजिस्ट्रेशन के लिये आरटीओ ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसका हेडक अब गाड़ी खरीदने वाले का नहीं बल्कि गाड़ी बेचने वाले का होगा। उत्तर प्रदेश सरकार गाड़ी खरीदने वालों की टेंशन कम करने के लिये बड़ा कदम उठा रही है। अब बेवजह आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी। डीलर की महज एक डिजिटल साइन गाड़ी का रजिस्ट्रेशन बिल्कुल आसान कर देगा।

अब तक गाड़ी खरीदने के बाद न सिर्फ उसका रजिस्ट्रेशन कराने में देर लगती है, बल्कि इसके लिये आरटीओ ऑफिस के चक्कर भी लगाने पड़ते हैं, तब जाकर कई दिन बाद पंजीकरण हो पाता है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बदलने में भी इससे काफी दिक्कत आती है। नतीजतन गाड़ियां बिना नंबर के ही सड़क पर दौड़ती रहती हैं। पर अब इससे छुटकारा दिलाने के लिये उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग ने डीलर प्वाइंट रजिस्ट्रेशन योजना लाई है। इस योजना के बाद उपभोक्ताओं या गाड़ी मालिकों को उसके रजिस्ट्रेशन के लिये आरटीओ ऑफिस का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। अब डीलर खुद गाड़ी की फाइल को डिजिटल साइन करके भेजेगा। इसके लिये डीलर को एक हाई सिक्योरिटी लिंक दिया जाएगा। बाराबंकी में इस पूरी प्रक्रिया का ट्रायल फाइनल होने के करीब है।

डीलर को अब डिजिटल साइन के जरिये गाड़ी की पूरी फाइल आरटीओ दफ्तर में तय समय में भेजनी होगी, जिसमें सेल लेटर, रोड वर्दिनेस, सर्टिफिकेट, फाइनेंस और एड्रेस वेरिफिकेशन के प्रमाण पत्र समेत सभी जरूरी कागजात शामिल होंगे। लखनऊ समेत यूपी के सभी जिलों में यह प्रक्रिया इसी महीने से शुरू हो जाएगी। फाइल भेजने की पूरी जिम्मेदारी डीलर की होगी। डीलर को हाई सिक्योरिटी लिंक दिया जाएगा।

अब तक क्या थी व्यवस्था

गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन के लिये अब तक जो व्यवस्था थी उसमें गाड़ी खरीदने वाले केा टेंशन ज्यादा थी। समय से फाइल और कागजात न पहुंचने जैसी दिक्कतों के चलते रजिस्ट्रेशन में देर होती थी। डीलर का काम इतना था कि वह गाड़ी और उसके मालिक से संबंधित फाइल बनाकर मेल के जरिये बिना पड़ताल के ही भेज देता था। इससे दिक्कत ये होती थी कि गाड़ी से जुड़े प्रपत्रों की अधूरी फाइल आरटीओ ऑफिस पहुंचती थी, जिसके चलते वाहन चालक को सजिस्ट्रेशन नंबर समय पर नहीं मिल पाता था और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने में भी परेशानी आती थी। पर अब ऐसा नहीं होगा। अब डीलर जिम्मेदारी बढ़ा दी गई है। अब पूरी फाइल उसके डिजिटल साइन से जाएगी।

परिवहन आयुक्त धीरज साहू बताया है कि इस प्रक्रिया का ट्रायल रन पूरा होने की ओर है। इस माह के अंत तक यूपी के सभी जिलों में डीलर का डिजिटल साइन होने लगेगां इससग गड़बड़ियां तो खत्म होंगी ही, बेवजह आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिलेगी