31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Viral Video: मरीज की दर्दभरी फरियाद पर भी नहीं पसीजे डॉक्टर, लापरवाही से गई जान

Viral Video: लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के लारी कार्डियोलॉजी विभाग में डॉक्टरों की लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक मरीज ने सीने में दर्द से जूझते हुए डॉक्टरों से इलाज की गुहार लगाई, लेकिन संवेदनहीनता का ऐसा स्तर देखने को मिला कि मरीज की मौत हो गई। तीमारदारों ने इस पूरे मामले का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसमें मरीज को हाथ जोड़कर डॉक्टरों से मदद मांगते हुए देखा जा सकता है। इस घटना ने चिकित्सा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Nov 26, 2024

health system

health system

 Viral Video: लारी कार्डियोलॉजी विभाग में  रविवार देर रात दुबग्गा निवासी अबरार अहमद (55) को सीने में तेज दर्द हुआ। वह खुद दोपहिया वाहन से लारी कार्डियोलॉजी विभाग पहुंचे। उनके बेटे सैफ के अनुसार, डॉक्टर नीरज कुमार के निर्देश पर उन्हें तीन-चार इंजेक्शन लगाए गए। लेकिन इसके बाद मरीज के नाक और मुंह से खून निकलने लगा। मरीज ने दर्द से तड़पते हुए डॉक्टरों से इलाज के लिए हाथ जोड़े। वायरल वीडियो में अबरार अहमद को बार-बार डॉक्टरों से मदद की गुहार लगाते हुए देखा गया, लेकिन डॉक्टरों ने उनकी बात अनसुनी कर दी। आरोप है कि जब मरीज की सांसें थम गईं, तभी डॉक्टर उन्हें देखने पहुंचे और तीमारदारों को बाहर निकाल दिया।

यह भी पढ़ें: Mission Shakti Phase 5: महिला सुरक्षा को लेकर लखनऊ की सड़को पर दौड़ी पिंक स्कूटी

तीमारदारों का आरोप

मृतक के बेटे सैफ खान ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने संवेदनहीनता दिखाते हुए इलाज में देरी की।मरीज की हालत गंभीर थी, लेकिन उन्हें तुरंत वेंटिलेटर पर नहीं रखा गया।डॉक्टरों ने मिन्नतों को नज़रअंदाज़ किया और तीमारदारों को हंगामे का कारण बताकर बाहर निकाल दिया। इंजेक्शन लगाने के बाद मरीज की स्थिति और बिगड़ गई। सैफ खान ने वजीरगंज थाने में डॉक्टर नीरज कुमार के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई और कड़ी कार्रवाई की मांग की।

यह भी पढ़ें: Weather Alert: मौसम का बदला मिजाज संभालें अपने दिल को, जारी हुआ अलर्ट

डॉक्टरों का पक्ष

केजीएमयू के डॉ. सुधीर ने सफाई देते हुए कहा कि:अबरार अहमद 2018 से कोरोनरी आर्टरी डिजीज के मरीज थे। हार्ट फेलियर की स्थिति में उन्हें अस्पताल लाया गया था। उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया और वेंटिलेटर की आवश्यकता बताई गई। वेंटिलेटर उपलब्ध न होने के कारण मरीज को पीजीआई रेफर किया गया, और इसके लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की गई थी।

यह भी पढ़ें: Cold Weather Health Tips: एड़ी के दर्द से राहत पाने के उपाय: जानें डॉ. रोहित गुप्ता से

मरीज की मौत और सोशल मीडिया पर हंगामा

मृतक के परिवार ने घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें मरीज की दर्दनाक स्थिति और डॉक्टरों की लापरवाही स्पष्ट दिख रही है। यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।

प्रमुख सवाल

क्या मरीज को समय पर सही उपचार दिया गया?
क्यों वेंटिलेटर की कमी जैसी समस्या इतनी गंभीर स्थिति में बनी रही?
डॉक्टरों का व्यवहार और उनकी संवेदनहीनता कितनी जायज है?

पुलिस जांच और कार्रवाई की मांग

तीमारदारों ने डॉक्टर नीरज कुमार और संबंधित स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने चिकित्सा संस्थानों में जवाबदेही और मरीजों के अधिकारों पर बहस छेड़ दी है।

इस घटना से जुड़े अहम मुद्दे

चिकित्सा लापरवाही
मरीज की जान बचाने के लिए डॉक्टरों की जिम्मेदारी पर सवाल।

स्वास्थ्य सेवाओं में कमी
पर्याप्त वेंटिलेटर और सुविधाओं की कमी का समाधान क्यों नहीं हो पा रहा है?

मरीजों का अधिकार
एक गंभीर मरीज को अनदेखा करना चिकित्सा आचार संहिता का उल्लंघन है।

यह भी पढ़ें: UP Cold Wave:  पछुआ हवाओं ने बढ़ाई ठंडक, लखनऊ में तापमान गिरा; 26 नवंबर से घना कोहरा और बढ़ेगी सर्दी

यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करती है। मरीजों की जान बचाने की प्राथमिकता हर डॉक्टर की जिम्मेदारी होनी चाहिए। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई से ही ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

Story Loader