
समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता अमीक जमई ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि क्या मृत मतदाताओं को वोट डालने की अनुमति दी जानी चाहिए। (ians photo)
सपा प्रवक्ता अमीक जमई ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार कह रहे हैं कि क्या मृत वोटरों को लिस्ट में रखा जाए। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान, इन मृत वोटरों ने भाजपा को वोट दिया होगा और जहां भाजपा के लोग जीते, क्या कार्रवाई होगी।
सपा प्रवक्ता नेगुरुवार को आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि बिहार में वोटर वेरिफिकेशन के नाम पर पहले आयोग ने कहा कि वोटर रोहिंग्या और बांग्लादेशी हैं, अब कह रहे हैं कि वोटर लिस्ट में मृत वोटर हैं। आयोग को पहले एक चीज फाइनल कर लेनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव में आयोग की चोरी को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पकड़ लिया था। अगर ढाई लाख वोट हमें मिलते तो सपा 89 सीट जीतती। इसी तरह बिहार विधानसभा चुनाव से पहले 50 लाख मतदाताओं के वोट काटे जा रहे हैं। कभी कहा जा रहा है कि वे रोहिंग्या बांग्लादेशी हैं तो कभी मृत वोटर बताए जा रहे हैं। मैं समझता हूं कि विधानसभा चुनाव कराने का क्या मतलब रहेगा जब वोटर नहीं होंगे।
तेजस्वी यादव के चुनाव को बॉयकॉट वाले बयान पर उन्होंने कहा कि उनका बयान इसीलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि जब 50 लाख मतदाताओं के वोटर लिस्ट से नाम ही काट दिए जाएंगे तो चुनाव कराने का क्या मतलब रह जाता है। उन्होंने दावा किया है कि भाजपा भारत को अंग्रेजों के उस काल में ले जाना चाहती है जहां कुछ लोगों को वोट देने का अधिकार प्राप्त था। आयोग से सवाल पूछते हुए सपा प्रवक्ता ने कहा कि जिन मृत मतदाताओं ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को वोट दिया, क्या आयोग उस चुनाव को निरस्त करेगा? आयोग सिर्फ और सिर्फ भाजपा के दबाव में बतौर एजेंट काम कर रहा है और पूरी तरह से निष्पक्षता खो चुका है।
सपा प्रवक्ता ने कहा कि अभी तो बिहार सिर्फ एक उदाहरण है। इसके बाद बंगाल, उत्तर प्रदेश समेत उन राज्यों में वोटर वेरिफिकेशन के नाम पर वोट काटे जाएंगे जहां आगामी विधानसभा चुनाव होने हैं।
Published on:
24 Jul 2025 06:35 pm
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