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सरकारी बंगला बचाने की कवायद, शिक्षा, सुरक्षा और सेहत के बहाने बंगला खाली नहीं करना चाहते पूर्व सीएम

राज्य संपत्ति विभाग की नोटिस के बाद पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है...

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

May 28, 2018

mulayam appeals in SC

सरकारी बंगला बचाने की कवायद, शिक्षा, सुरक्षा और सेहत के बहाने बंगला खाली नहीं करना चाहते पूर्व सीएम

लखनऊ. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद यूपी में पूर्व मुख्यंत्रियों के सरकारी बंगले बचाने की कवायद जारी है। राज्य संपत्ति विभाग की नोटिस के बाद पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बढ़ती उम्र और गिरती सेहत का हवाला देकर सपा संरक्षक ने सरकारी बंगला खाली करने के लिये दो साल का वक्त मांगा है। बीजेपी के पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने बंगला खाली कर दिया है। कल्याण सिंह का सामान दूसरे बंगले में शिफ्ट हो रहा है। लेकिन मुलायम, अखिलेश, मायावती और एनडी तिवारी अभी अपने बंगले खाली करना नहीं चाहते। बता दें कि सूबे के जिन छह पूर्व मुख्यमंत्रियों के नाम पर बंगले अलॉट हैं, उनमें मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव , राजनाथ सिंह, कल्याण सिंह, एनडी तिवारी और मायावती के नाम शामिल हैं।

राज्य संपत्ति विभाग ने उत्तर प्रदेश के सभी छह पूर्व मुख्यमंत्रियों को 15 दिनों के भीतर सरकारी बंगले खाली करने की नोटिस दी है। बिगड़ते स्वास्थ्य का हवाला देकर मुलायम ने दो साल की मोहलत मांगी है। एनडी तिवारी के गिरते स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उनकी पत्नी उज्ज्वला ने दो साल से पहले बंगला खाली करने में असमर्थतता जाहिर की है। नोटिस के बाद मायावती के बंगले के बाहर कांशीराम यादगार विश्राम स्थल का बोर्ड टंग गया है।

यह भी पढ़ें : बंगले को लेकर अखिलेश ने राज्य संपत्ति विभाग को लिखा पत्र, सरकारी आवास खाली न करने की बताई मजबूरी

सुप्रीम कोर्ट पुहंचे मुलायम सिंह यादव
सोमवार को सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने अपनी गिरती सेहत का हवाला देते हुए कोर्ट से बंगला खाली करने को लेकर रियायत देने की मांग की है। मुलायम सिंह यादव ने अपना सरकारी बंगला खाली करने के लिये सुप्रीम कोर्ट से दो साल का वक्त मांगा है। कहा कि इस दौरान वह अपने लिये समुचित घर का इंतजाम कर लेंगे।

अखिलेश ने भी दो साल का मांगा वक्त
अपनी सुरक्षा और बच्चों की पढ़ाई का हवाला देकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी कोर्ट जा चुके हैं। इतना ही नहीं उन्होंने राज्य संपत्ति विभाग को बाकायदा पत्र भेजकर दो साल का वक्त मांगा है। अखिलेश यादव ने कहा कि वह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, इस नाते उनसे मिलने हर दिन सैकड़ों लोग आते हैं। सुरक्षा के लिहाज से उनके ठहरने के लिये कोई उचित स्थान नहीं है। उन्हें जेड़ श्रेणी सिक्योरिटी मिली है, जिसके लिये उनके नये में पर्याप्त जगह होनी चाहिये।

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मायावती ने बंगले को बताया स्मारक
राज्य संपत्ति विभाग से नोटिस मिलने के बाद बसपा सुप्रीमो मायवती ने बंगले के बाहर 'कांशीराम यादगार विश्राम स्थल' का बोर्ड टांगा है। मायावती का कहना है कि वह 13 माल एवन्यू रोड स्थित अपने बंगले को खाली नहीं करना चाहतीं, क्योंकि यह बंगला बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक और उनके राजनीतिक मेंटर कांशीराम का स्मारक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर मायावती ने बताया है कि उनके बंगले को 13 जनवरी 2013 में कांशीराम स्मारक बना दिया गया है। वह उस स्मारक के दो कमरों में रहती हैं।

एनडी तिवारी ने मांगा वक्त
पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की पत्नी उज्ज्वला ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपना सरकारी आवास खाली करने के लिये एक साल का वक्त मांगा है। उन्होंने अपने पति एनडी तिवारी के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कहा कि इस वक्त वह अंतिम चरण में हैं। उन्हें निगरानी और देखभाल की जररूत है। मैं और मेरा परिवार कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं। समाज के प्रति उनके योगदान और गंभीर स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें कम से कम एक साल का और समय दिया जाना चाहिये।

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