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…तो इसलिये रेप के आरोपी भाजपा विधायक की गिरफ्तारी में हो रही है देर, पढ़ें पूरा मामला

Unnao Rape Case : उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र में आरोपी विधायक के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366, 376, 506 और पॉस्को एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Apr 12, 2018

bjp mla kuldeep sengar

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश में रेप के आरोपी भाजपा विधायक के गिरफ्तारी की मांग उठ रही है। सपा-बसपा समेत पूरा विपक्ष एक सुर से रेप के आरोपी भाजपा विधायक की गिरफ्तारी की बात कह रहा है। महिला संगठन भी आरोपी विधायक को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन भाजपा विधायक की गिरफ्तारी कब होगी, अभी क्लियर नहीं है। गुरुवार को डीजीपी ओपी सिंह और प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार सिंह ने संयुक्त प्रेसवार्ता करते हुए विधायक की तत्काल गिरफ्तारी की अटकलों पर विराम लगा दिया! भाजपा के पूर्व प्रवक्ता और बड़े नेता आईपी सिंह ने भी एक फोन कॉल के कारण बीजेपी विधायक की गिरफ्तारी पर रोक की बात कहकर प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मचा दिया।

आमतौर पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करने के बाद तत्काल पीड़िता के बयान दर्ज किये जाते हैं और आरोपी की गिरफ्तारी कर ली जाती है। चूंकि थाने में केस दर्ज होता है और पुलिस को ही कार्रवाई करनी होती है, इसलिये प्रक्रिया में देर नहीं लगती। लेकिन इस मामले में पुलिस से केस सीबीआई को ट्रांसफर होने की प्रक्रिया में लगने वाले समय को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐेसे में जब सीबीआई की जांच पूरी हो जाएगी, तभी मामले में अगली गिरफ्तारी हो सकेगी। जब तक कि कोर्ट का आदेश ने दे दे।

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डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह की प्रेसवार्ता
डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह ने प्रेसवार्ता में कहा कि किसी को भी बचाने की कोई मंशा नहीं है। पूर्व में दर्ज किये केस में आरोपी विधायक के भाई और अन्य की गिरफ्तारी की जा चुकी है। इस मामले में अब सीबीआई जांच करेगी और सबूत जुटाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि उन्नाव मामले से जुड़े सारे केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिये गये हैं। पीड़िता का कहना है कि बीजेपी विधायक को तत्काल गिरफ्तार किया जाये। सीबीआई जांच के बहाने विधायक को बचाने की कोशिश हो रही है। पीड़िता ने खुद और परिवार की जान पर खतरा बताते हुए आरोपी विधायक को तुरंत जेल भेजने की मांग की है।

क्या कहते हैं कानून के जानकार
कानून के जानकारों की मानें तो सीबीआई जांच में काफी समय लगेगा, क्योंकि सीबीआई को सिर्फ पॉस्को एक्ट और रेप के मामले की जांच नहीं करनी है, बल्कि इस मामले से जुड़े करीब आधा दर्जन शिकायतों व मामलों की जांच के बाद ही सीबीआई किसी निष्कर्ष पर पहुंच पायेगी। इन मामलों में पीड़िता के पिता के साथ मारपीट, पुलिस कस्टडी में मौत, पुरानी रंजिश व अन्य मामले भी सीबीआई जांच के दायरे में आयेंगे। ऐसे में भाजपा विधायक की गिरफ्तारी में और ज्यादा समय लगेगा।

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तो हो सकते हैं गिरफ्तार
एसआईटी उन्नाव मामले की जांच रिपोर्ट आज कोर्ट में रखी जाएगी। संभव है कि रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय आरोपी विधायक की गिरफ्तारी के आदेश जारी कर दे। गौरतलब है कि बुधवार की रात एक बजे उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र में आरोपी विधायक के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366, 376, 506 और पॉस्को एक्ट के तहत केस दर्ज किये गये हैं।

राजनीतिक दबाव के भी आरोप
उन्नाव मामले में भाजपा विधायक की गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर भाजपा के पूर्व प्रवक्ता आईपी सिंह ने बड़ा खुलासा कर दिया। उन्होंने भाजपा के अंदरूनी खींचतान की ओर इशारा करते हुए कहा कि एक बड़े व्यक्ति वजह से कुलदीप सेंगर की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेंगर की गिरफ्तारी पर फैसला ले लिया था, लेकिन अचानक एक बड़े व्यक्ति के हस्तक्षेप से मामला लंबित हो गया।

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