5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अंजलि बनी आयशा तो आसिफ भाग गया सऊदी अरब, कुछ ऐसी है यूपी विधानभवन के सामने खुद को लगाने वाली महिला की कहानी

महिला ने अपना धर्म परिवर्तन कर अपना नाम आयशा रख लिया और आसिफ नाम के युवक से उसके संबंध हो गए। महिला के मुताबिक दोनों ने निकाह भी कर लिया लेकिन...
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Nitin Srivastva

•

Updated: 15 Oct 2020, 11:45 AM IST

अंजलि बनी आयशा तो आसिफ भाग गया सऊदी अरब, ऐसी है यूपी विधानभवन के सामने खुद को लगाने वाली महिला की कहानी

अंजलि बनी आयशा तो आसिफ भाग गया सऊदी अरब, ऐसी है यूपी विधानभवन के सामने खुद को लगाने वाली महिला की कहानी

लखनऊ. यूपी विधानभवन के बाहर मंगलवार को आग लगाकर सुसाइड की कोशिश करने वाली महिला की अस्‍पताल में मौत हो गई है। महिला 90 फीसदी तक जल चुकी थी और उसका इलाज लखनऊ के सिविल अस्पताल की बर्न यूनिट में चल रहा था। वहीं सिविल अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक उन्होंने महिला को बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन उसे बचा नहीं सके। जब महिला को अस्पताल लाया गया था तो उसकी स्थिति काफी गंभीर थी। इस बीच मामले में लखनऊ पुलिस ने राजस्थान के पूर्व राज्यपाल सुखदेव प्रसाद के बेटे आलोक को गिरफ्तार कर लिया है। आलोक को कांग्रेस पार्टी से जुड़ा बताया जा रहा है। दरअसल पुलिस को मामले में साजिश की आशंका है। सूत्रों के मुताबिक घटनास्थल पर आलोक की लोकेशन मिल रही थी। पुलिस को ये भी जानकारी मिली है कि आलोक महिला के संपर्क में भी था। इसी आधार पर आलोक प्रसाद और अन्य अज्ञात के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली पुलिस ने आत्महत्या के लिये उकसाने, साजिश रचने समेत आइपीसी की गंभीर धाराओं में एफआइआर दर्ज की है।

विधानभवन के सामने लगाई थी आग

वारदात हजरतगंज कोतवाली क्षेत्र की है। जहां यूपी के महाराजगंज के रहने वाली अंजना तिवारी नाम की पीड़ित महिला की शादी अखिलेश तिवारी नाम के शख्स से हुई थी। जानकारी के मुताबिक शादी के कुछ दिनों बाद दोनों का तलाक हो गया था। इसके बाद महिला ने अपना धर्म परिवर्तन कर अपना नाम आयशा रख लिया और आसिफ नाम के युवक से उसके संबंध हो गए। महिला के मुताबिक दोनों ने निकाह भी कर लिया लेकिन उसके बाद आसिफ सऊदी अरब भाग गया। उसके बाद अंजली उसके घर में रहने की जिद करने लगी। लेकिन उसके परिजन लगातार उसे प्रताड़ित करने लगे। आसिफ के घर वालों की प्रताड़ना से परेशान होकर महिला ने यूपी विधानभवन के बाहर ज्वलनशील पदार्थ डालकर खुद को आग लगा ली। वहीं अब महिला की मौत के बाद लखनऊ पुलिस ने राजस्थान के पूर्व राज्यपाल सुखदेव प्रसाद के बेटे आलोक को गिरफ्तार कर लिया है। आलोक महाराजगंज में अंजलि का पड़ोसी है और यहां गोमतीनगर में भी उसका मकान है। पुलिस को शक है कि अंजलि तिवारी उर्फ आयशा को आत्मदाह के लिये आलोक प्रसाद ने उकसाया था, तभी उसने खुद को आग के हवाले कर दिया।

मिले पर्याप्त सबूत

महाराजगंज के पुलिस अधीक्षक ने लखनऊ पुलिस को आलोक प्रसाद के खिलाफ पर्याप्त सबूत भी उपलब्ध कराए हैं। सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) में भी आलोक की ओर से अंजलि को कई बार फोन करने के सबूत मिले हैं। इसी आधार पर आलोक प्रसाद और अन्य अज्ञात के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली पुलिस ने आत्महत्या के लिये उकसाने, साजिश रचने समेत आइपीसी की गंभीर धाराओं में एफआइआर दर्ज की है। वहीं अंजलि को आत्मदाह के लिये उकसाने वालों में और कौन-कौन शामिल है। लखनऊ और महाराजगंज पुलिस इसकी जांच भी कर रही है।

ये था मामला

महिला अंजलि तिवारी का कहना था कि आसिफ सऊदी अरब भाग गया। उसके बाद अंजली उसके घर में रहने की जिद करने लगी। चार अक्टूबर को वह अपने कथित पति के घर के सामने धरने पर बैठ गई। बाद में मौके पर पहुंची महाराजगंज पुलिस उसे लेकर महिला थाने गई थी, लेकिन मामले का हल नहीं निकल पाया। महराजगंज थाने में उसने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद इंसाफ के लिए वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलना चाहती थी, लेकिन मुलाकात न होने से निराश होकर उसने आत्मदाह का प्रयास किया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां अब उसकी मौत हो गई।