
SPARROW
इनका मेरे घर आने का लालच यह शीशा ही है। यह दोनों लगभग एक साल से कोशिश कर रही हैं इस शीशे को तोड़ कर अपने जैसे और भी पक्षियों को अजाद करें ( शीशे में अपने आप को देख कर उनको लगता हैं कि कोई कैद है उस पार)
कभी कभी तो यह कोशिश इतनी ज्यादा हो जाती हैं कि गौरैया के चोच में घाव हो जाता हैं और शीशा भी लहू लुहान हो जाता है पर इनकी कोशिश जारी है। चोट लगने के बाद और अस्पताल से वापस आने के बाद मैं बेड पर ही हूँ यही पक्षी मेरे साथी बने।
Published on:
21 Mar 2016 07:46 pm
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