दरअसल इस प्लानिंग के पीछे योगी सरकार का मकसद ग्रामीण स्तर पर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की स्थिति को समझना है। इसीलिए हर जिले में 75 वरिष्ठ अधिकारियों को लगाया गया है। ये सभी अफसर मुख्य रूप से जिन कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं, उनमें जिले की गौशालाओं का हाल देखना, धान, मूंगफली और गन्ना क्रय केन्द्रों की स्थिति जानना, कोरोना वैक्सीन से पहले की तैयारी देखना, विरासत की जमीनों के विवाद की सुनवाई और जिले के अफसरों से योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट लेना शामिल है।