
लखनऊ. बेहतर कानून-व्यवस्था का दावा कर सत्ता में आई भाजपा सरकार पर अपराधियों की नकेल कसना बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। प्रदेश सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद कानून-व्यवस्था पटरी पर आती नहीं दिख रही है। सूबे में आये दिन अपराधी दुष्कर्म, लूट और कत्ल जैसी जघन्य वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे पर विपक्षी दल प्रदेश सरकार को घेर रहे हैं। सड़क से सदन तक योगी सरकार के खिलाफ आवाजें उठ रही है। ऐसे में उत्तर अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिलों के अफसरों के पेंच कसेंगे।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज यानी शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंडल और जिला स्तर के अफसरों संग समीक्षा बैठक करेंगे और उन्हें जरूरी दिशा-निर्देश देंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ योजना भवन से मंडल और जिलों के अधिकारियों से रात 8:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे।
इसलिए बैठक अहम
आगामी त्यौहारों को देखते हुए मुख्यमंत्री की मंडल व जिला अफसरों के साथ बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। मोहर्रम, नवरात्र, दुर्गापूजा और दशहरा जैसे बड़े त्यौहारों में कोई गड़बड़ी न हो और अपराधिक घटनाओं को रोका जा सके। इसके लिए मुख्मंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद कमान संभाल ली है। वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग का मकसद प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करना तो है ही, साथ ही अफसरों को प्रदेश में अपराध रोकने के लिए ब्लूप्रिंट तैयार करने का आदेश देना भी माना जा रहा है।
बैठकों का दौर जारी
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अपराधी कोई भी हो उसे बख्शा नहीं जाएगा। तब से लेकर अब तक वह कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर लगातार प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। उन्हें दिशा-निर्देश दे रहे हैं। इससे पहले हुई बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सूबे के आला-अफसरों को कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए रोड मैप तैयार करने का आदेश दिया था।
Published on:
16 Sept 2017 09:12 am
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